मप्र उपचुनाव: आदिवासियों को लुभाने की कोशिश, सरकार ने खेला बड़ा दांव, कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को दी जाएगी मंजूरी

भोपाल/खाईद जौहर : मप्र में जैसे जैसे उपचुनाव नज़दीक आ रहे है वैसे वैसे जनता से वोट बटोरने के लिए दोनों प्रमुख दलों के नेताओं की और से बड़े बड़े वादे और दावे किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब सत्ताधारी दल भाजपा ने उपचुनाव से पहला बड़ा दांव खेला है। दरअसल, सरकार प्रदेश करीब 23 लाख से ज्यादा आदिवासी परिवारों को बड़ी सौगात देने जा रही है, इसके तहत 89 आदिवासी ब्लाॅकों (विकासखंडों) में राशन आपके द्वार योजना लागू की जाएगी।
इस योजना का लाभ प्रदेश के 23.80 लाख परिवारों को मिलेगा। योजना में काम करने वाले व्यक्ति को हर माह प्रोत्साहन राशि भी देगी। इसके अलावा, अन्य खर्च के लिए भी राशि अलग से दी जाएगी। जबकि, उचित मूल्य की राशन दुकानों से खाद्यान्न गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए आदिवासियों को लोन दिलाकर वाहन खरीदवाए जाएंगे। सरकार ब्याज अनुदान के साथ प्रोत्साहन राशि भी देगी।
मिली जानकारी के अनुसार, गांवों तक राशन सामग्री पहुंचाने के लिए आदिवासी युवाओं के वाहन किराए पर लिए जाएंगे। इन वाहनों को खरीदने के लिए युवाओं को को बैंक से लोन भी दिलाया जाएगा। इसके साथ ही प्रोत्साहन राशि और ब्याज अनुदान भी सरकार देगी। 10 हजार रुपए वाहन मालिक को देने के अलावा अन्य खर्च के लिए करीब 16 हजार रुपए दिए जाएंगे।
आज कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव
मंगलवार को सुबह शिवराज कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है, जिसमें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मंजूरी दी जाएगी। चूंकि आचार सहिता लागू है, ऐसे में यदि कैबिनेट में प्रस्ताव काे मंजूरी मिल जाती है, तो सरकार इसे स्वीकृति के लिए निर्वाचन आयोग को भेजेगी।
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