
भोपाल / गरिमा श्रीवास्तव :– कमलनाथ सरकार मेधावी योजना के तहत छात्रों को बड़ी राहत प्रदान करने वाली है। मेधावी योजना (MEDHAVI YOJANA) के अंतर्गत उन छात्रों को स्कालरशिप मिलती थी जिनके पालक की आय 6 लाख रूपए तक थी।
पर नए नियम के तहत राज्य सरकार ने उन वंचित छात्रों को राहत देने की बात कही है जिनके पालक की आय 6 से 7.5 लाख तक होगी। सरकार छात्रों का 75 फीसदी फीस वहन करेगी।
वित्त विभाग (Finance Department) ने इस पर सहमति दे दी है। स्कीम का दायरा बढ़ने से करीब 45 हजार मेधावियों को फायदा होने के आसार हैं।
मेधावी योजना उस दौरान शुरू की गयी थी जब राज्य में शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) की सरकार थी। उस दौरान उन मेधावी छात्रों की फीस सरकार भरती थी जो तीव्र बुद्धि के थे साथ ही साथ उनके पिता या उनके पालक की आय 6 लाख या उससे कम थी।
बता दें कि कुछ मेधावी छात्रों के पालक की आय 6 लाख से अधिक हो जाने के बाद उन्हें कुछ वक़्त बाद योजना से वंचित कर दिया गया था। पर कमलनाथ सरकार की नई योजना के बाद अब उन छात्रों को भी योजना का लाभ मिल सकेगा जिनके पालक की आय 7.5 लाख तक होगी।
वित्त की सहमति के बाद यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए सीएम सचिवालय और कैबिनेट तक जा सकता है।
मेधावी योजना की शर्तें इस प्रकार है :-
- योजना का लाभ उन छात्रों को मिलेगा जो मध्यप्रदेश के मूल निवासी होंगे
- निवास प्रमाण पत्र की जांच होगी।
- माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधीन 12वीं कक्षा 70 प्रतिशत या इससे अधिक अंकों के साथ पास की हो
- सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत 12वीं परीक्षा 85 प्रतिशत या इससे अधिक अंकों से पास हो।
- आईआईटी-जेईई मेंस में रैंक डेढ़ लाख के अंदर हो। तभी योजना का लाभ मिलेगा
- मेडिकल के क्षेत्र की बात करें तो उन छात्रों को लाभ मिलेगा जो नीट के द्वारा एमबीबीएस और बीडीएस में प्रवेश लेंगे। इसके अतिरिक्त भारतीय शिक्षण संस्थान के द्वारा आयोजित मेडिकल परीक्षा में प्रवेश लेने पर फीस दी जाएगी।