भोपाल: फ़र्ज़ी नोटशीट मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार, खाली नोटशीट और लेडर हेड भी बरामद, बड़े खुलासे की आशंका

मध्यप्रदेश/भोपाल : इन दिनों मध्यप्रदेश में फ़र्ज़ी तरीके से तबादलों की सिफारिश करवाने का भी बड़ा मामला सामने आया हैं। अब तक कई मंत्रियों, नेताओं के नाम से तबादलों की सिफारिश की जा चुकी हैं। हालांकि, इस मामले में अब तक 30 अधिकारी कर्मचारियों को नोटिस जारी किया जा चुका हैं।
अब इस मामले में क्राइमब्रांच ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं क्राइम ब्रांच ने जिन दो मुख्य आरोपियों को पकड़ा है, उनमें से एक स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी का चपरासी रह चुका है, तो दूसरा रायसेन जिले के सिलवानी भाजपा विधायक रामपाल सिंह का पकवान था।
क्राइम ब्रांच द्वारा की गई जांच में पकड़े गए आरोपियों से विधायक समेत अन्य जनप्रतिनिधियों की खाली नोटशीट और लेडर हेड तक बरामद किया हैं। बताया जा रहा है कि, आरोपियों ने ये दोनों चीजें जनप्रतिनिधियों के बंगले से चोरी किया था। आरोपी अबतक 30 कर्मचारियों के ट्रांसफर के लिए प्रपोजल भेज चुके थे।
बताया जा रहा है कि दोनो आरोपी दो अन्य कंप्यूटर ऑपरेटरों की मदद से फर्जी लेटर टाइप कराया करते थे। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति की मदद से फर्जी डिस्पैच नंबर डालकर कर्मचारी से रुपए खाते में डलवाते थे। चिट्ठी और नोटशीट तैयार करके उसे वल्लभ भवन की आवक-जावक शाखा के बॉक्स में डालकर रिसीव ले लेते थे। कर्मचारियों को इस फर्जीवाड़े का शक न हो, इसलिये उन्हें मंत्री-विधायकों के बंगलों के बाहर बुलाकर डील किया करते थे।
क्राइम ब्रांच के ASP गोपाल धाकड़ के अनुसार, शिकायत मिली थी कि, कुछ विधायक, सांसदों के लेटर हेड पर स्थानांतरण के प्रस्ताव सीएमओ वल्लभ भवन में प्राप्त हो रहे हैं। शिकायत की जांच में पता लग कि, सांसद, विधायक के लेडर हेड, नोटशीट फर्जी हैं। पुलिस ने जिन अधिकारियों, कर्मचारियों का प्रपोजल भेजा था, उन्हें नोटिस देकर पूछताछ शुरू की गई तो मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस का कहना है कि, आरोपियों का रिमांड मिल गया हैं। उम्मीद है कि, आगे की पूछताछ में और भी कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।




