2 नवंबर 2026खबरें • विश्लेषण • जनसरोकार

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सॉरी मोदी सर, "आपके नहीं देश के पांच साल बर्बाद हो गये हैं" – दिग्विजय सिंह 

भोपाल :- अपने बयानों और सोशल पोस्ट से सदा चर्चा में बने रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस बार भी टिवटर पर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को आड़े हाथों लेते हुए लिखा हैं की, "राष्ट्रव्यापी एनआरसी की अमित शाह की योजना मोदी की नोटबंदी जैसा ही साबित होगी।"
दरअसल दिग्गी राजा ने द प्रिंट द्वारा लिखे गए लेख को मेंशन करते हुए लिखा है की, "मैं ध्रुव की बात से पूर्णत: सहमत हूँ। असम के लगभग 19 लाख तथाकथित घुसपैठियों में से 12 लाख हिंदू हैं। अमित शाह जी क्या आप भारतीय संविधान में धर्म के आधार पर किसी को अलग कर सकते है।"
गौरतलब है की NRC के बिल पर विपक्ष के साथ ही साथ भाजपा के पूर्वोत्तर से जुड़े हुए नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। 
भले ही गृह मंत्री अमित शाह बार बार अपने बयानों में यह कहते हों की NRC पर किसी को भी डरने की ज़रूरत नहीं हैं, यह देश से घुसपैठिया बाहर भगाओं अभियान की तरह हैं। 
लेकिन जब पूर्वोत्तर में इसके साइड इफेक्ट देखेंगे तो आपको यह ज़रूर पता चलेगा की किस तरह से लाखों लोगो को अपनी ही नागरिकता को साबित करने के लिए लाइन में लगना पड़ गया हों। ये ऐसे बड़े सवाल हैं जिसका जवाब देना शायद सरकार से जुड़े किसिस भी व्यक्ति के लिए बड़ा व चुनौतीपूर्ण हों। 
परंतु जो भी हो विपक्ष का इस तरह से सरकार को घेरना और NRC मुद्दे पर सरकार का सिर्फ घुसपैठिया शब्द कहकर इतिश्री कर लेना कहीं ना कहीं बड़े सवाल खड़े करता हैं। 

भोपाल :- अपने बयानों और सोशल पोस्ट से सदा चर्चा में बने रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस बार भी ट्विटर पर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को आड़े हाथों लेते हुए लिखा हैं की, “राष्ट्रव्यापी एनआरसी की अमित शाह की योजना मोदी की नोटबंदी जैसा ही साबित होगी।”
दरअसल दिग्गी राजा ने द प्रिंट द्वारा लिखे गए लेख को मेंशन करते हुए लिखा है की, “मैं ध्रुव की बात से पूर्णत: सहमत हूँ। असम के लगभग 19 लाख तथाकथित घुसपैठियों में से 12 लाख हिंदू हैं। अमित शाह जी क्या आप भारतीय संविधान में धर्म के आधार पर किसी को अलग कर सकते है।”
गौरतलब है की NRC के बिल पर विपक्ष के साथ ही साथ भाजपा के पूर्वोत्तर से जुड़े हुए नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। 
भले ही गृह मंत्री अमित शाह बार बार अपने बयानों में यह कहते हों की NRC पर किसी को भी डरने की ज़रूरत नहीं हैं, यह देश से घुसपैठिया बाहर भगाओं अभियान की तरह हैं। 
लेकिन जब पूर्वोत्तर में इसके साइड इफेक्ट देखेंगे तो आपको यह ज़रूर पता चलेगा की किस तरह से लाखों लोगो को अपनी ही नागरिकता को साबित करने के लिए लाइन में लगना पड़ गया है। ये ऐसे बड़े सवाल हैं जिसका जवाब देना शायद सरकार से जुड़े किसी भी व्यक्ति के लिए बड़ा व चुनौतीपूर्ण हों। 
परंतु जो भी हो, विपक्ष का इस तरह से सरकार को घेरना और NRC मुद्दे पर सरकार का सिर्फ घुसपैठिया शब्द कहकर इतिश्री कर लेना कहीं ना कहीं बड़े सवाल खड़े करता हैं। 

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