लोकायुक्त की टीम ने मंडी सहायक निरीक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
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लोकायुक्त की टीम ने मंडी सहायक निरीक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
- ठेला जब्त कर 8 हजार की रिश्वत की मांग की थी
- पैसे नही थे इसलिए लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की
- लोकायुक्त की टीम ने दबिश दी और उसे रंगे हाथों पैसे लेते पकड़ा
उज्जैन:
सोमवार को मध्यप्रदेश के उज्जैन में लोकायुक्त की टीम ने मंडी सहायक निरीक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। एक हम्माल ने सहायक निरीक्षक के खिलाफ शिकायत की थी, जिसपर लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई की।
जानकारी के मुताबिक 17 जुलाई को फरियादी भागीरथ खांडेकर का ठेला जब्त किया गया था और जब वो ठेला छुड़वाने के एवज में मंडी निरीक्षक सत्यनारायण बजाज से मिला तो उसने आठ हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। फरियादी के पास इतने पैसे नही थे की वो उन्हे पैसे दे सके उसके बाद फरियादी हम्माल ने इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की थी।
सोमवार को जब वह दो हजार रुपये देने के लिए आया तो सत्यनारायण बजाज ने उसे ये पैसे राकेश रायकवाड़ को देने को कहा। रायकवाड़ जब पैसे ले रहा था, तभी लोकायुक्त की टीम ने दबिश दी और उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। फरियादी ने बताया कि उसका ठेला बिना किसी कारण जब्त कर लिया गया था। जिसकी वजह से वो मजदूरी नहीं कर पा रहा था। उसने मंडी निरीक्षक से ठेला छोड़ने की कई बार गुजारिश की, लेकिन वह तैयार नहीं हुए। उसके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि रिश्वत दे सके। कोई उपाय नहीं देख उसने लोकायुक्त में शिकायत की।
लोकायुक्त के डीएसपी वेदांत शर्मा ने कहा कि “फरियादी की शिकायत की पहले तस्दीक की गई। जब मामला सही होने का पता चला तब सोमवार सुबह कार्रवाई की गई जिसके बाद आरोपी को रंगे हाथो पक लिया गया।




