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 कमलनाथ ने खेला दांव/ राजा या महराजा कौन पायेगा मध्यप्रदेश से राज्यसभा की सीट !

 

भोपाल: कमलनाथ एक दांव खेलने वाले हैं और इस दांव से किसी के मुह से चूं तक की आवाज नहीं निकलेगी। कहा जाता है जहाँ से सब सोचना बंद करते हैं वहां से कमलनाथ सोचना शुरू। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) लोकसभा चुनाव के पहले से ही अपनी कर्मभूमि उत्तर प्रदेश को बना चुकीं हैं। प्रियंका up का संगठन मजबूत करने में लगी हुई हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा में भेजकर एक तीर से कई निशाना साधने की फ़िराक में हैं। अगर प्रियंका गांधी प्रस्ताव स्वीकार कर लेती हैं तो राजा और महाराजा में से किसी एक का पत्ता कटना तय माना जा रहा है। 

कमलनाथ, प्रियंका को एमपी से राज्यसभा में क्यों लाना चाहते हैं?

आपको तो पता ही होगा कि पिछले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी अमेठी के साथ-साथ केरल के वायनाड से भी चुनाव लड़ा था। अमेठी से राहुल गांधी चुनाव हार गए थे। जिनको स्मृति ईरानी ने अच्छे खासे वोटों के अंतराल से हराया था। सोनिया गांधी उत्तर प्रदेश के रायबरेली से चुनाव लड़ती हैं। गांधी परिवार की प्राथमिकता में कभी भी राज्यसभा नहीं रहा है। लगभग तय माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी राज्यसभा से संसदीय राजनीति की शुरूआत करेंगी। कमलनाथ प्रियंका को मध्य प्रदेश से राज्यसभा में लाना चाहते हैं। जो नजदीकी इस समय ज्योतिरादित्य सिंधिया की गांधी परिवार के साथ दिखाई देती है, उसी तरह की नजदीकी अस्सी के दशक में कमलनाथ की इंदिरा गांधी और संजय गांधी के साथ दिखाई देती थी। 

कमलनाथ के निशाने पर कौन ? राजा(दिग्विजय) या महराजा(सिंधिया)

अप्रैल महीने में राज्यसभा के 3 सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इस समय विधानसभा के मौजूदा अंकगणित के अनुसार कांग्रेस को 2 सीटें मिल रही हैं। भाजपा के 2 और कांग्रेस के 1 सदस्य दिग्विजय सिंह का कार्यकाल पूरा हो रहा है। भाजपा के राज्यसभा सदस्य प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया का कार्यकाल 9 अप्रैल को पूरा हो रहा है। राज्यसभा के चुनाव के लिए अधिसूचना मार्च के पहले सप्ताह में जारी कर दिया जायेगा। सिंधिया लोकसभा का चुनाव हार चुके हैं। इसी वजह से उनका नाम राज्यसभा से सांसद में जाने के लिए चर्चा में है। दिग्विजय सिंह भी राज्यसभा के लिए मजबूत दावेदार हैं। क्योंकि वे भी कांग्रेस के पुराने खिलाड़ी हैं और साथ में वो भी लोकसभा का चुनाव हार चुके हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस किसको मौका देती है। अगर प्रियंका गाँधी को कमलनाथ राजसभा से चुनते हैं तो फिर एक सीट ही बचेगी। फिर या तो राजाजी या तो महाराजा दोनों में से किसी एक को ही चुना जायेगा। कमलनाथ किसको अंदर लाते हैं किसको बाहर ये तो जल्द ही सबको पता चल ही जायेगा। लेकिन कमलनाथ ने जो जाल फेका है उसमे कोई न कोई तो फसेगा ही। 
 

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