नई शिक्षा नीति में बदलाव में जैन मुनि श्री विद्यासागर जी से ली सलाह, पाठ्यक्रम में जोड़ी गई जैन धर्म की मेरी भावना
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भोपाल।आयुषी जैन। जैसा कि हम सब जानते हैं भारत की शिक्षा प्रणाली में 34 साल बाद बदलाव किया गया है,
बदलाव करने के लिए सरकार ने बड़े-बड़े दिग्गजों और ज्ञाताओं से सलाह ली, जिसमें 11 लोग शामिल थे,
जिसमें जैन धर्म के चलते फिरते तीर्थ आचार्य गुरुवर मुनि श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का स्थान दूसरे नंबर पर था।
मुनि श्री की सलाह द्वारा कई बदलाव किए हैं,
कक्षा सातवीं के पाठ्यक्रम के प्रथम अध्याय में मेरी भावना को जोड़ा गया,
जो कि अपने आप में संपूर्ण जैन समाज के लिए गौरव की बात है..

आयुष मंत्रालय दिल्ली द्वारा जैन धर्म के मुख्य भक्ताम्बर सूत्र द्वारा जटिल बीमारी को दूर करने के लिए कारगर माना..
साथ ही णमोकार मंत्र को महामंत्र माना गया..
बता दें, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने द्वारा आज नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी दिये जाने के बाद शाम 4 बजे इसकी औपचारिक रूप से घोषणा कर दी गयी है। औपचारिक घोषणा केंद्रीय मंत्रियों प्रकाश जावडेकर और डॉ रमेश पोखरियाल निंशक ने संयुक्त रूप से की। घोषणा के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता आज कैबिनेट की बैठक में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दी गयी है। वहीं, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निंशक ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को तैयार करने के लिए विश्व की सबसे बड़ी परामर्श प्रक्रिया आयोजित की गयी थी। उन्होंने कहा कि मै देश के 1000 से अधिक विश्वविद्यालयों, 1 करोड़ से अधिक शिक्षकों और 33 करोड़ छात्र-छात्रों को शुभकामनाएं देता हूं। पत्र सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित ब्रीफिंग कार्यक्रम में मंत्रियों के अलावा मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्च शिक्षा एवं विद्यालयी शिक्षा सचिव और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।




