ग्वालियर में दिमागी बुखार से गई 2 मासूमों की जान, हालात ऐसे की एक बेड पर तीन से चार बच्चों को किया जा रहा भर्ती…

- दिमागी बुखार से हो रही मासूमों की मौत
- वायरल, दिमागी बुखार से पीड़ित 85 बच्चे भर्ती
ग्वालियर/निशा चौकसे:– मध्यप्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर के बीच डेंगू ने हड़कंप मचा रखा है. इस बीच ग्वालियर से एक नए बुखार के कारण दो मासूमों की मौत हो गई. बता दें की ग्वालियर-चंबल अंचल के सबसे बड़े अस्पताल में बीते 24 घंटे में दो बच्चों की मौत दिमागी बुखार से हो गई. डेंगू, वायरल के बाद अब दिमागी बुखार तेजी से बच्चों में फैल रहा है. अब यह दिमागी बुखार धीरे-धीरे जानलेवा होता जा रहा है. हालात इतने ख़राब हैं कि हालत एक बेड पर तीन से चार बच्चों को भर्ती किया गया है.
इस तरह बिगड़ रहें हैं हालात
बच्चों की दिमागी बुखार से मौत के मामले में KRH से कोई भी डॉक्टर बोलने को तैयार नहीं हैं, पर इतना जरूर है कि JAH अधीक्षक ने बच्चों की मौत के जांच के आदेश दिए हैं. डेंगू, वायरल के बाद अब दिमागी बुखार से भी पीड़ित बच्चे मिलने लगे हैं। सीधे शब्दों में कहें से अंचल के सबसे बड़े अस्पताल में लगातार दिमागी बुखार के मरीज बढ़ने लगे हैं। यह दिमागी बुखार अब जानलेवा भी होता जा रहा है। कुछ दिन पहले पिछोर से आए 5 साल के बच्चे को बचाने के लिए डॉक्टरों ने काफी प्रयास किए, लेकिन उसे बचा नहीं सके.
कांग्रेस विधायक ने विश्वास सारंग पर जताई नाराजगी
एक दिन पहले कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक भी KRH पहुंचे थे। यहां उन्होंने एक बेड पर तीन-तीन मरीज और कहीं-कहीं 4 तक मरीज भर्ती देखकर फटकार लगाई थी। साथ ही सीधे चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से फोन पर बात कर नाराजगी जताई है. एक ओर से शासन और प्रशासन कोरोना की तीसरी संभावित लहर से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर संसाधनों को बढ़ाने का दावा कर रहा है। यह तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक मानी जा रही है, लेकिन उससे पहले वायरल, डेंगू और दिमागी बुखार ने तैयारियों की पोल खोल दी है.


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