मप्र में शराबबंदी कैसे हो? इसके लिए CM Shivraj को गुजरात-बिहार से सीख लेनी चाहिए - उमा भारती 

मप्र में शराबबंदी कैसे हो? इसके लिए CM Shivraj को गुजरात-बिहार से सीख लेनी चाहिए - उमा भारती 

सतना : मध्य प्रदेश में शराबबंदी का मुद्दा एक बार फिर गरमा रहा है। इस बार भी इसे हवा दे रही हैं पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती। उनके एक बयान ने फिर राज्य में सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। दरअसल, उन्होंने एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को शराबबंदी को लेकर नसीहत दे डाली है। 

उमा भारती ने कहा कि, सीएम शिवराज को शराबबंदी के मामले पर गुजरात और बिहार से सीख लेनी चाहिये। इन दोनों राज्यों के मॉडल से हमें सीख और मदद मिल सकती है।

उमा भारती ने कहा, बिहार में मध्य प्रदेश से ज्यादा आबादी है। वहां यहां से ज्यादा गरीबी है। इसके बावजूद भी वहां शराब बंदी है। मध्य प्रदेश समझे कि, बिहार कैसे राजस्व नुकसान की भरपाई कर रहा है। महिलाओं ने भी नीतीश की सरकार को समर्थन दिया है। गुजरात में भी आदिवासियों की स्थिति में सुधार के लिए शराब बंदी की गई, राजस्व हानि से उबरने दूसरे माध्यम खड़े किए गए।

हालांकि, शराबबंदी को लेकर चलाए जा रहे अपने अभियान पर उन्होंने कहा कि, शिवराज और उनके विचार एक जैसे हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वी.डी शर्मा का समर्थन मिल रहा है। उमा ने बताया कि, 15 जनवरी तक हमारा नशाबंदी के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। ये आप सब के संकल्प से ही संभव हो सकता है।

बता दे कि यह पहला अवसर नहीं है, जब उमा भारती शराबबंदी का मुद्दा उठाकर परोक्ष रूप से अपनी ही पार्टी की सरकार पर दबाव बना रही हैं। पहले भी वह इस मामले को लेकर आंदोलन छेड़ने का बयान दे चुकी हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर इस पर चर्चा भी कर चुकी हैं। वहीं, भाजपा की ओर से उमा के बयान पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।