सिंधिया-विजयवर्गीय की मुलाकात पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान

इंदौर : हालही में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की इंदौर में हुई एक मुलाकात इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, सोमवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इंदौर पहुंचे थे, जहां उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय के घर जाकर उनसे मुलाकात की।विजयवर्गीय के घर लंच करने पहुंचे सिंधिया ने कहा- मैं आपके लिए सरप्राइज लाया हूं। यह कहकर उन्होंने बेटे महाआर्यमन को विजयवर्गीय के सामने कर दिया। विजयवर्गीय ने महाआर्यमन को गले लगा लिया।

इसी दौरान मीडिया से बात करते हुए सिंधिया ने बड़ा बयान दिया, जिसने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी। सिंधिया ने कहा कि ‘पार्टी आगे जो बीड़ा देगी, मैं उसे कैलाश विजयवर्गीय के मार्गदर्शन में पूरा करूंगा। वहीं, इस मुलाकात पर प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान सामने आया है। मीडिया से बातचीत में गृहमंत्री ने दोनों को ‘हमारे बड़े नेता’ कहकर संबोधित किया। कहा- दोनों ही बड़े नेता हैं हमारे। परस्पर मिलते ही रहते हैं। उन्होंने भाजपा को परिवार की तरह बताते हुए कहा कि यहां सभी परिवार की तरह मिलते रहते हैं, मिलना भी चाहिए।

सिंधिया ने विजयवर्गीय को मार्गदर्शक बताने का वक्त ऐसा चुना जब शिवराज को BJP की नेशनल कमेटी से बाहर रखा गया है। दूसरा, कैलाश विजयर्गीय को पश्चिम बंगाल से फ्री करके अभी कोई दायित्व नहीं दिया है। उनका दायित्व अभी तय होना है, वह क्या होगा, यह सिर्फ हाईकमान जानता है। तीसरा, मालवा के ही दलित नेता सत्यनारायण जटिया का 76 साल की उम्र में नेशनल लेवल पर अचानक कद बढ़ा देना। राजनीति जानकार कहते हैं कि जब यह सब उठापटक हो रही है, तब सिंधिया अचानक क्यों विजयवर्गीय के घर चले आए? आखिरी दो धुर विरोधियों रहे नेताओं में इतनी पारिवारिक बात कैसे बन गई।

बता दे कि एक ये दोनों नेता एक दूसरे के धुर विरोधी माने जाते थे। दो बार ये आमने सामने क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव तक लड़े हैं। दोनों बार विजयवर्गीय हारे।

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