हाईकोर्ट का सवाल- केंद्र ने हिंदी को ट्विटर पर प्रमोट करने के लिए क्या किया?

हाईकोर्ट का सवाल- केंद्र ने हिंदी को ट्विटर पर प्रमोट करने के लिए क्या किया?
जबलपुर/राजेश्वरी शर्मा – ट्विटर का इस्तेमाल आज के समय मे आम बात है। पर ट्विटर पर हिंदी भाषा का उपयोग होना ये आम बात नही है। हमारे देश मे कई लोग है जो हिंदी में ट्वीट करते है। लेकिन उससे होता यह है कि उनके ट्वीट विदेश में अन्य भाषा मे ट्रांसलेट होकर सामने आते है। ट्रांसलेशन से कई सारे अर्थ बदल जाते है।
बालाघाट की लांजी विधानसभा सीट से पूर्व विधायक किशोर समरीते की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया कि ट्विटर ने विश्व की 9 भाषाओं को तो मान्यता दी है लेकिन भारत में सर्वाधिक बोली और समझी जाने वाली हिंदी भाषा को कोई मान्यता नही दी है।
याचिकाकर्ता ने इस संबंध में केंद्र सरकार को भी पत्र लिखा लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले की मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। तो हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि उसने हिंदी भाषा को ट्विटर पर प्रमोट करने के लिए अब तक क्या किया है?
यह सवाल हम सभी के ज़हन में है क्योंकि सरकार द्वारा ट्विटर का उपयोग हर अपडेट के लिए बेशक होता है लेकिन हमारे देश की भाषा को ही मान्यता ना मिलना यह हमारे देश के लिए किसी भी तरह से ठीक नही है…
जिस एप्लिकेशन का हम सबसे ज़्यादा इस्तेमाल करते है वहां हम हमारे देश की भाषा की मान्यता आज नही तो फिर कब मांगेंगे?…




