Bhopal:- 2 साल से खाली पड़ी है हमीदिया की बिल्डिंग, आखिर क्यों हाथ पर हाथ धरे बैठी रही सरकार?

Bhopal:- 2 साल से खाली पड़ी है हमीदिया की बिल्डिंग, आखिर क्यों हाथ पर हाथ धरे बैठी सरकार?
भोपाल :- आज राजधानी भोपाल में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं. बीते 1 महीने में सिर्फ शहर में करीब 18000 लोग कोरोनावायरस की चपेट में आ चुके हैं.
बड़ी संख्या में हर रोज संक्रमितों की मौत हो रही है पर सरकारी आंकड़ों में कुछ और ही बताया जा रहा है. कल भोपाल में सबसे ज्यादा 112 लाशें श्मशान घाट में जली और दफनाई गई. जबकि सरकारी आंकड़ों में सिर्फ चार लोगों की मौत बताई गई.
अस्पतालों में बिस्तर नहीं है मरीज ऑक्सीजन के लिए भटक रहे हैं अगर वक्त पर जनप्रतिनिधि और अधिकारी चेत जाते तो शायद हालात इतने बुरे नहीं होते. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी थी कि कोरोनावायरस की दूसरी लहर ज्यादा भयावह होगी. पर जब कोरोना के मामले कम हुए तो सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठ गई. और नतीजा यह हुआ कि अब अस्पतालों में बेड नहीं है ऑक्सीजन की किल्लत है लोग अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं पर भर्ती नहीं मिल पा रही.
दरअसल जब मामले कम हुए तो अधिकारी अफसर सभी लोग चिंता मुक्त होने लग गए और किसी ने भविष्य के खतरे से निपटने के लिए कोई प्लानिंग नहीं की.
2 साल से खाली पड़ी है हमीदिया अस्पताल की बिल्डिंग :-
अस्पताल की बिल्डिंग 2 साल से खाली पड़ी हुई है 1584 क्षमता वाली इस बिल्डिंग में जरूरत के समय 2000 मरीजों को एडमिट किया जा सकता है निर्माणकर्ता एजेंसी का दावा है कि सिर्फ 2 महीने में बिल्डिंग काम करने लायक हो सकती है लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते काम आज भी अटका पड़ा हुआ है.
कोरोना की पहली लहर में ही यह बात साफ हो गई थी कि ऑक्सीजन प्लांट लगाने की सबसे ज्यादा जरूरत है पर जब मामले कम होने लगे तो सब बेफिक्र हो गए. सरकार ने शहर में ऑक्सीजन की व्यवस्था के लिए कोई पहल नहीं की जे पी अस्पताल में हवा से ऑक्सीजन बनाने का प्लांट आज भी फाइलों में ही घूम रहा है इसके साथ ही शहर में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था तक नहीं की गई है.
अगर समय रहते सभी चेत जाते तो शायद हालात इतने बुरे ना होते. सीएम शिवराज के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. बड़ी-बड़ी बातें करने वाले मुख्यमंत्री के घर में खुद शायद कोरोना नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है इसी वजह से अब उनके खुद के बेटे की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई है.
सीएम के घर में ही स्वास्थ्य आग्रह का असर कहीं भी देखने को नहीं मिला.
स्थिति कब सुधरेगी यह किसी को मालूम नहीं.
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