
भोपाल : एससी-एसटी एक्ट पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद अप्रैल 2018 को अनुसूचित जाति समाज ने भारत बंद का आह्वान किया था। इस बंद के दौरान भिंड, मुरैना और ग्वालियर जिलों में जमकर जातीय हिंसा हुई थी। जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी और बड़ी संख्या में घायल भी हुए थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए थे।
एट्रोसिटी एक्ट के बाद हुए विवादों के चलते ग्वालियर चंबल में एससी,एसटी और सामान्य वर्ग के लोगों पर लगे मुकद्मे होंगे वापस। @CMMadhyaPradesh @ChouhanShivraj @nstomar @JM_Scindia @drnarottammisra @digvijaya_28 @OfficeOfKNath @KKMishraINC pic.twitter.com/Rf8hfr0n0X
— Vijay Pratap Singh Baghel (@vijaypsbaghel) May 27, 2022
जिसपर शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा की जातीय हिंसा को लेकर दर्ज किए गए सभी मामले वापस होंगे। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों उनका ग्वालियर प्रवास हुआ था उस दौरान दोनों वर्गों अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के प्रतिनिधि मंडलों ने उनसे मुलाकात की थी। उसके बाद उनकी पार्टी के नेताओं से भी चर्चा हुई। दोनों समाज की पहल पर व्यापक विचार के बाद सामाजिक समरसता बढ़ाने के लिए मुकदमे वापस लेने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट करते हुए सीएम का आभार जताया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा की – ग्वालियर-चंबल में अप्रैल 2018 में कुछ गलतफहमियों के कारण हुए आपसी झगड़े में कई लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए थे। लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी ने पूरे मामले में संवेदनशील पहल करते हुए सभी वर्ग के लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने का निर्णय लिया है। आपका हृदय से आभार।
ग्वालियर-चंबल में अप्रैल 2018 में कुछ गलतफहमियों के कारण हुए आपसी झगड़े में कई लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए थे। लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री @ChouhanShivraj जी ने पूरे मामले में संवेदनशील पहल करते हुए सभी वर्ग के लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने का निर्णय लिया है। आपका हृदय से आभार।
— Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) May 28, 2022
वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के इन बयानों को लेकर सियासत गरमा गई है। अब इस मामलें को लेकर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट करते हुए सीएम शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया पर करारा निशाना साधा है।
ग्वालियर – चंबल संभाग में भारत बंद के दौरान जिन लोगों पर मुकदमें दर्ज हुए थे वह हमारी तत्कालीन माननीय @OfficeOfKNath जी की सरकार ने 02 जनवरी , 2019 को उन मुकदमों को वापस लेने का फैसला लेने के आदेश जारी कर दिए गए थे। जिसकी सराहना @JM_Scindia ने भी की थी।
— P. C. Sharma (@pcsharmainc) May 28, 2022
पीसी शर्मा ने ट्वीट करते हुए लिखा की ग्वालियर-चंबल संभाग में भारत बंद के दौरान जिन लोगों पर मुकदमें दर्ज हुए थे वह हमारी तत्कालीन माननीय कमलनाथ जी की सरकार ने 02 जनवरी, 2019 को उन मुकदमों को वापस लेने का फैसला लेने के आदेश जारी कर दिए गए थे। जिसकी सराहना ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी की थी। फिर आज किस बात पर भाजपाई नेता उसका श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। जनहित के कार्य कीजिए, ताकि जनता का भला हो , झूठ फरेब और पाखंड की राजनीति बंद कीजिए।