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दिग्विजय सिंह की जुबान है उनकी दुश्मन, इसलिए नहीं बन पाए बड़े नेता – उमा भारती

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह द्वारा राम मंदिर के चंदे का हिसाब मांगने पर भाजपा की फायर ब्रांड नेत्री उमा भारती ने उन पर जमकर निशाना सधा। उमा भारती ने कहा कि दिग्विजय सिंह की जुबान ही उनकी दुश्मन है और इस वजह से अपनी पार्टी कांग्रेस में बड़े नेता नहीं बन सके। दिग्विजय पढ़े लिखे नेता है, मैं उन्हें लम्बे समय से जानती हूं। कांग्रेस के कद्दावर नेता होते हुए भी वो कांग्रेस में खुद के लिए जगह नहीं बना पाए। उनका सबसे बड़ा शत्रु उनका मुंह, उनकी जीभ है जिस पर उनका कंट्रोल नहीं हैं। यही वजह है कि वो बड़े नेता नहीं बन पाए।

उमा भारती ने कहा कि वह दिग्विजय को तब से जानती हैं जब वह (उमा) मात्र आठ साल की थीं और दिग्विजय सिंह के परिवार के साथ उनके बेहतर रिश्ते हैं। उमा भारती दिग्विजय सिंह को मध्य प्रदेश की सत्ता से बेदखल करने वाली नेता रहीं हैं। वह दिग्विजय सिंह पर कई आक्रामक बयान देती रहीं हैं। 

वहीं, शराबबंदी को लेकर उमा भारती ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि समाज में अपराधों की मुख्य जड़ शराब ही हैं। शराबबंदी के लिए राजनीतिक साहस चाहिए। साथ ही समाज का चिंतन भी होना चाहिए। उमा भारती ने कहा कि शराब माफिया राजनेता और ब्यूरोक्रेसी को अपनी जकड़न में ले लेता हैं। राजस्व आमदनी के दूसरे उपाय भी हैं। लोगों की जान की कीमत पर धन की उगाही ठीक नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि बहुत पहले से शराबबंदी को लेकर मेरे मन में विचार थे। मैं अवसर की प्रतीक्षा कर रही थी। बिहार में महिलाओं का बड़ा समर्थन नीतीश कुमार जी को शराबबंदी की वजह से ही मिला हैं।

इस से पहले गुरुवार को उमा भारती ने ट्वीट में लिखा है कि मध्यप्रदेश में शराब की दुकानों की संख्या बढ़ाने के बारे में सरकार ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का यह वक्तव्य अभिनन्दनीय हैं। कोरोना काल के लॉक डाउन के समय लगभग शराब बंदी की स्थिति रही। इससे यह स्पष्ट हो गया कि अन्य कारणों एवं कोरोना से लोगों की मृत्यु हुई। किंतु शराब नहीं पीने से कोई नहीं मरा। 

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