किसानों का कहना कृषि कानून है "डेथ वारंट", सरकार फायदे दिखाती रहे किसानों अड़े रहे, अब क्या करेगी सरकार??

किसानों का कहना कृषि कानून है डेथ वारंट, सरकार फायदे दिखाती रहे किसानों अड़े रहे, अब क्या करेगी सरकार??
किसान संगठन के नेताओं से कल सरकार के तीन नेताओं ने 3 घंटे की चर्चा की पर 3 घंटे की बातचीत बेनतीजा रही.
कल कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों के 32 संगठन के नेताओं को बुलाया था. इस मीटिंग के दौरान सरकार कृषि कानून पर अपने प्रेजेंटेशन दिखाकर फायदे गिना रही थी पर किसान अपनी बात पर अड़े रहे.
किसानों का कहना है कि तीनों कानूनों को वापस लिया जाए…
मीटिंग में किसानों ने कहा कि हम कुछ तो हासिल कर ही लेंगे भले गोली हों या फिर शांतिपूर्ण हल…
जब किसानों को सरकार द्वारा चाय ऊपर की गई तो उन्होंने कहा कि हमें चाय नहीं चाहिए हमारी मांगे पूरी की जाए, बल्कि आप हमारे धरना स्थल पर आइए हम आपको जलेबी खिलाएंगे.
इस मीटिंग में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ रेल मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्यमंत्री सोमप्रकाश मौजूद रहे.. सभी ने किसानों को समझाने की कोशिश की पर किसान का नाम वापस लेने की जिद पर अड़े रहे.
आज यह तीनों मंत्री केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे




