पॉलिटिकल डोज़

गोविंद सिंह राजपूत के चुनाव लड़ने पर रोक लगाये चुनाव आयोग- कांग्रेस नेता के.के. मिश्रा

सुरखी विधानसभा से बीजेपी के प्रत्याशी गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ 22 अक्टूबर 2023 को निर्वाचन आयोग में शिकायत की थी। शिकायत में वीडियो साक्ष्य उपलब्ध कराते हुए बताया गया था कि, चुनाव प्रचार के दौरान मंत्री गोविंद राजपूत ने मतदाताओं को 25 लाख रुपये रिश्वत देने का वादा किया था। वीडियो सामने आने के बाद गोविंद सिंह राजपूत ने एक बयान में कहा कि, उन्होंने यह बयान आचार संहिता लागू होने से पहले दिया था। कांग्रेस ने इस मामलें में एक बार फिर कहा कि, हमारा यह स्पष्ट आरोप है कि, गोविंद सिंह राजपूत झूठ बोल रहें हैं।

मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया अध्यक्ष के. के. मिश्रा ने कहा कि, मैं माननीय निर्वाचन आयोग के संज्ञान में यह बात लाना चाहता हूं कि ,विधायक निधि के उपयोग में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जहां सबसे ज्यादा वोट डलवाने पर 25 लाख रुपये देने का नियम हो। यह न सिर्फ आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है, बल्कि विधायक की शपथ का भी खुला उल्लंघन और दंडनीय अपराध है।
उन्होंने कहा कि, कांग्रेस पार्टी आयोग से आग्रह करती है कि, गोविंद सिंह राजपूत की विधानसभा सदस्यता रद्द की जाये, उनके चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाई जाये और उन्हें चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया जाये।

के.के. मिश्रा ने निर्वाचन आयोग से कहा कि, गोविंद सिंह राजपूत आपराधिक पृष्ठभूमि के व्यक्ति हैं, उन पर एक व्यक्ति की जमीन हड़पने और संबंधित व्यक्ति को गायब करवाने का संगीन आरोप भी है और उक्त मामला माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। इसके अलावा राहतगढ़ थाने में भी गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हैं। मैं यह भी सूचित करना चाहता हूं कि, माननीय निर्वाचन अधिकारी के पास 27 अक्टूबर 2023 को शिकायत दर्ज करवाई गई है कि, राहतगढ़ थाने के थाना प्रभारी और वहां के अनुविभागीय अधिकारी आदि श्री राजपूत के रिश्तेदार हैं और उनके प्रभाव में आकर काम कर रहें हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button