द लोकनीति की खबर का असर, चयनित शिक्षकों की संशोधित सूची जारी,

द लोकनीति की खबर का असर, चयनित शिक्षकों की संशोधित सूची जारी,
भोपाल/ गरिमा श्रीवास्तव:- मध्यप्रदेश में चयनित शिक्षक लंबे समय से अपनी नियुक्ति के इंतजार में थे 5 अक्टूबर को चयनित शिक्षकों की नियुक्ति की अंतिम चयन सूची जारी हुई जिसमें 12000 लगभग चयनित शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश है. अभी लगभग 18040 शिक्षक अपनी नियुक्ति के इंतजार में है.
पर जो चयनित शिक्षकों की सूची जारी हुई थी उसमें सारी विसंगतियां पाई गई थी. अनरिजर्व्ड कैटिगरी में रिजर्व्ड चयनितो को नियुक्ति दी गई थी जिसके बाद अनरिजर्व्ड चयनित शिक्षकों में रोष देखा गया था. द लोकनीति ने लगातार चयनित शिक्षकों के इस समस्या को समझते हुए चयनित शिक्षकों की मांग को शीर्ष तक पहुंचाने का सफल प्रयास किया जिसके बाद अब चयनित शिक्षकों की संशोधित सूची जारी कर दी गई है.
लोक शिक्षण संचालनालय ने उच्च माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षकों की जो चयन सूची जारी की थी उसमें संशोधन कर दिया गया है. विभाग ने यू आर ओपन की सीट कम रैंक वाले रिजर्व कैटेगरी के अभ्यार्थियों को आवंटित कर दी थी । जैसा सभी लोगों को पता है लोक शिक्षण संचनालय ने 12043 पदों पर अंतिम सूची जारी की गई थी जिसमें बहुत सारी यू आर ओपन की सीटों पर रिजर्व कैटेगरी के अभ्यार्थियों को नियुक्ति मिली थी पर अब इस लिस्ट में संशोधन किया गया है.

संशोधन से चयनित शिक्षकों के बीच खुशी का माहौल देखा गया पर अभी भी सवाल यह खड़ा होता है कि ट्राइबल विभाग ट्राइबल चयनित शिक्षकों के बारे में कब विचार करेगा ट्राइबल अभ्यर्थी परेशान हैं. डीपीआई ने नियुक्ति शुरू कर दी है पर ट्राइबल ने अभी तक नियुक्ति शुरू नहीं की है. ब्लॉक नीति में जब भी ट्राइबल विभाग से जानकारी हासिल करने की कोशिश की तो फिलहाल यही जवाब मिला है कि जल्द ही नियुक्ति होगी पर यह जल्द कब आएगा कुछ पता नहीं है.
सह विषयों के अभ्यर्थी परेशान:-
एलाइड सब्जेक्ट के अभ्यर्थी परेशान हैं उन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान रिजेक्ट कर दिया गया था. शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा था कि इनके बारे में विचार किया जाएगा लेकिन अब तक एलाइड अभ्यर्थियों को लेकर सरकार की तरफ से कोई भी बयान सामने नहीं आया. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सभाओं में कहते हैं कि उन्होंने 30000 चयनित शिक्षकों को नियुक्ति दी है पर हकीकत यह है कि सिर्फ 12046 लोगों को नियुक्ति पत्र दिया गया है जबकि लगभग 18000 चयनित शिक्षक समस्याओं से जूझ रहे हैं.
पर द लोकनीति ने ठाना है कि जब तक इन सभी चयनित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे. चयनित शिक्षकों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कोशिश करते रहेंगे. आशा करते हैं कि सभी चयनित शिक्षकों की जल्द से जल्द नियुक्ति हो




