देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड: BSP MLA रामबाई के पति अभी भी फरार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा 14 दिन के अंदर हो गिरफ़्तारी

मध्यप्रदेश/भोपाल – कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही हैं। इस मामले में बसपा विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह की गिरफ्तारी नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। जस्टिस डी आई चंद्रचूड़ व जस्टिस एमआर शाह ने घटनाक्रम पर हैरानी जताते हुए कहा था कि सरकार को मानना चाहिए कि वह संविधान के तहत काम नहीं कर रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हत्याकांड की सुनवाई करते हुए राज्य के डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि विधायक के पति गोविंद सिंह को गिरफ्तार करें साथ ही मामले की सुनवाई कर रहे हटा के हटा की निचली अदालत के जज को सुरक्षा देने के निर्देश दिए हैं।
14 दिन के अंदर हो गोविंद सिंह की गिरफ्तारी
वहीं, सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद पुलिस हरकत में आ गई हैं। शनिवार को दमोह जिले का मोर्चा डीआईजी आर एस डेहरिया ने संभाल लिया। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से चर्चा की। उधर दमोह एसपी हेमंत चौहान 2 दिन के अवकाश पर चले गए हैं। बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 दिन के अंदर गोविंद सिंह की गिरफ्तारी, डीजीपी को उपस्थित होकर रिपोर्ट पेश करने और शासन को अपना पक्ष रखने के लिए कहा हैं।
पुलिस ने FIR से हटाया नाम
पुलिस ने अगस्त 2019 में गोविंद सिंह का एफआईआर से नाम हटा दिया। जबकि पहले 25 हजार इनाम घोषित किया था। गोविंद सिंह पर पहले से 25 मामले दर्ज हैं। जनवरी 2021 में हटा एडीजे कोर्ट ने गोविंद सिंह को फिर से आरोपी बनाया था। मामले में गोविंद सहित 5 आरोपी फरार हैं, बाकी जेल में हैं।
दो एसपी, 4 एसडीओपी, 4 टीआई बदले
खास बात ये है कि हटा के कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड को 15 मार्च को दो साल पूरे हो जाएंगे। इसमें 28 आरोपी है, जिसमें पथरिया की बसपा विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह भी शामिल हैं। दो साल में प्रदेश सरकार बदल गई, लेकिन आरोपी गोविंद को संरक्षण मिलता रहा। अभी तक दो एसपी, 4 एसडीओपी, 4 टीआई के अलावा जेल अधीक्षक और जेलर को बदला जा चुका हैं।
ऐसे बदले नीचे से ऊपर तक इतने अफसर
- वारदात के समय हटा में धर्मेंद्र सिंह टीआई थे, उनके बाद विजय मिश्रा, राजेश बंजारा, दीपक खत्री आए और गए। अब प्रभारी श्याम बेन पदस्थ हैं।
- वारदात के दौरान एसडीओपी कमल जैन हटा में पदस्थ थे। जल्द उनका तबादला कर दिया गया। इनके बाद सरिता उपाध्याय, नीतेश पटेल, प्रिया सिंधी आए और गए। अब भावना दांगी पदस्थ हैं लेकिन आरोपी को नहीं पकड़ पाए।
- हत्याकांड के दौरान दमोह एसपी आरएस बेलवंशी ने रामबाई के घर में गोविंद सिंह की तलाश में रेड कराई थी। इसके बाद उनका तबादला हो गया। एसपी विवेक सिंह आए। कुछ समय बाद उन्हें भी हटा दिया और हेमंत चौहान को भेजा।
देवेंद्र चौरसिया के बेटे का कहना
इधर, देवेंद्र चौरसिया के बेटे सोमेश का कहना है कि उन्हें न्याय दिलाने में न कांग्रेस सरकार ने साथ दिया, न भाजपा सरकार दे रही है। कांग्रेस सरकार के समय उनके पिता की हत्या हुई और गोविंद सिंह का नाम जांच के नाम पर हटा दिया गया। बीजेपी की सरकार आई तो उनके परिवार के चार सदस्यों पर धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया।
वहीं, इस पुरे मामले पर पथरिया विधायक रामबाई का कहना है कि मुझे सम्मानीय कोर्ट पर पूरा भरोसा हैं। सीबीआई से जांच होनी चाहिए। सत्य सामने आ जाएगा। जबकि दमोह एसपी हेमंत चौहान ने कहा कि गोविंद सिंह पर 10 हजार का इनाम घोषित कर दिया हैं। गिरफ्तारी की कोशिश जारी हैं।




