"राजा" की राज्यसभा जानें की राह हुई मुश्किल, "नाथ" भी इसके पक्ष में, फूल सिंह की जीत तय?

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश (Madhy Pradesh) में इसी माह राज्यसभा चुनाव (Rajyasabha Election) होने है, जिसकी तारिखों का एलान हो गया हैं। तारिखों का ऐलान होने के बाद से ही प्रदेश में हल चल तेज़ हो गई हैं। साथ ही साथ कांग्रेस (Congress) के लिए भी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
दरअसल, कांग्रेस की और से दो उम्मीदवार मैदान में हैं। जिसमें कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) और दूसरे राज्यसभा प्रत्याशी फूल सिंह बरैया (Phool Singh Baraiya) हैं। इन दोनों ने तब नामांकन किया था, जब कांग्रेस की सरकार थी। उस वक्त सपा-बसपा (SP-BSP) और निर्दलीयों को मिलाकर कांग्रेस के पास 121 विधायक थे और भाजपा (BJP) के पास 107 थे। तब यह माना जा रहा था कि राज्य की तीन रिक्त राज्यसभा सीटों में से कांग्रेस दो सीट जीतने में सफल रहेगी। इसी के मद्देनजर दिग्विजय सिंह को वरीयता पर पहला प्रत्याशी और बरैया को दूसरे नंबर पर रखा गया था। लेकिन, ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के कांग्रेस छोड़ने और पार्टी के 22 विधायकों के इस्तीफे के चलते कमलनाथ (Kamal nath) की सरकार बीते 23 मार्च को गिर गई।
अब राज्यसभा में कांग्रेस को दो सीट जीत पाना मुश्किल हैं। कमलनाथ सरकार गिरते ही समीकरण बिगड़ गया हैं। अब भाजपा यहां दो सीट जीतने की स्तिथि में आ गई हैं।
खबर मिली है कि कांग्रेस में दो प्रत्याशियों के बीच किसे चुना जाए, इस पर मतभेद उभरने लगे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी दिग्विजय सिंह के बजाए फूल सिंह को राज्यसभा भेजना चाहती हैं।
वहीं, सूत्रों की मानें तो बरैया को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ (PCC Chief Kamalnath) भी थोड़े साफ्ट हैं। वे खुल कर कुछ नहीं कह रहे हैं, लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि कमलनाथ मानते हैं कि उनकी सरकार गिरने के पीछे काफी हद तक दिग्विजय सिंह जिम्मेदार हैं।
इधर, ये खबर आते ही प्रदेश में सियासत गरमा गई हैं। अब कांग्रेस की और से कौन राज्यसभा सीट जीतता है ये तो समय ही बताएगा। लेकिन उस से पहले कांग्रेस सहित प्रदेश में बवाल मचा हुआ हैं।




