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15 अगस्त को सीएम शिवराज ने फिर खेला "क्वीन कार्ड" फिर से झूठे वादे और छलावे!!

15 अगस्त को सीएम शिवराज ने फिर खेला “क्वीन कार्ड” फिर से झूठे वादे और छलावे!!

 

 

द लोकनीति डेस्क:गरिमा श्रीवास्तव 

 मध्यप्रदेश में लगतार ऐसा देखा जा रहा है कि सरकार जनता को झूठे लॉलीपॉप थमा रही हैं. राजनेताओं को भरी सभा में वैसे भी झूठी बातें कहने में जरा सी भी हिचकिचाहट नहीं होती.

 मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर से भरी सभा में जनता को लॉलीपॉप थमाया है.

 15 अगस्त का दिन था लाल परेड ग्राउंड में साज-सज्जा थी. देशभक्ति गाने चल रहे थे.. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी बड़ी सी गाड़ी और बॉडीगार्डस के साथ लाल परेड ग्राउंड पहुंच गए.

चारों तरफ तैयारियां थी. सीएम ने झंडारोहण किया. और फिर शुरू हो गया जनता को लॉलीपॉप थमाने का सिलसिला..

 सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब कोई मकान दुकान व्यवसायिक गतिविधियों की रजिस्ट्री कराता है, तो जहां 3 फीसदी शुल्क लगता था, अब अगर वह व्यक्ति है रजिस्ट्री महिला के नाम पर आता है तो सिर्फ एक फीसदी लगेगा..

 

 यानी साफ तौर पर देखिए कि सीएम शिवराज ने चुनाव के पहले एक बार फिर से “क्वीन कार्ड” फेंक दिया है, यहां क्वीन कार्ड मतलब “महिला कार्ड” समझ लीजिए.

 

 उनका कहना है कि बड़ी से बड़ी संख्या में स्वामित्व का हक महिलाओं को मिले. अब ऐसे में क्या होगा, मामा अपनी बहनों भांजियों के दिलों पर राज करने लगेंगे. हाँलाकि  महिला कार्ड कोई नया नहीं है यह सब से पुराना और बहुचर्चित कार्ड है जो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अक्सर खेला करते हैं.

 सीएम ने यह बात भी कही कि अगर किसी के घर में बिटिया का जन्म होता है तो लाडली लक्ष्मी योजना के तहत ₹2000 तुरंत उसके खाते में डाले जाएंगे.

 फिर जब वह बेटी 12वीं की परीक्षा पास कर लेगी तो उसे एकमुश्त रकम ₹20000 उसे दिए जाएंगे.

 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने भाषण में बड़ी-बड़ी बातें कहीं.अपनी सारी योजनाओं को गिनाया.

 पर हकीकत में अगर आंकड़ों की बात करें तो मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा महिला अपराध होते हैं. घरेलू हिंसा उत्पीड़न रेप गैंगरेप जैसे मामले आए दिन हो रहे हैं. और प्रदेश के मुखिया यह बात कह रहे हैं कि उनकी सरकार का योगदान महिला सशक्तिकरण में सबसे ज्यादा है.

 

 क्या आपको भी लगता है कि महिलाएं मध्यप्रदेश में वाकई सशक्त हैं.. सिर्फ महिलाएं दफ्तर जा रही हैं, अपने हिसाब से जी रही हैं सिर्फ इन्हीं बातों का मतलब नहीं होता है महिला सशक्तिकरण.. सड़कों पर महिलाएं असुरक्षित है. सिर्फ सड़कों पर ही नहीं बल्कि घर के अंदर भी महिलाएं असुरक्षित है.

 

 आए दिन उत्पीड़न के मामले सामने आते रहे हैं. पर मुख्यमंत्री को तो बड़ी-बड़ी बातें कहनी है.

 

 अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का 15 अगस्त को दूसरा बड़ा लॉलीपॉप यह था कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश सरकार युवाओं को हर महीने एक लाख रोजगार देगी. स्वतंत्रता दिवस के दिन भी सीएम शिवराज को इतनी बड़ी बात कहने में हिचकिचाहट जरा सी भी नहीं हुई.

आखिर इसे हम किस पारिदृश्य में देख रहे हैं.?

 मध्य प्रदेश के लाखों युवा बेरोजगार हैं.जो चयनित है उन्हें अभी तक अप्वॉइंट नहीं किया गया. चयनित शिक्षक लगातार अपने अपॉइंटमेंट को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं एक बार फिर से राजधानी भोपाल में 18 अगस्त को चयनित शिक्षक फिर से हुंकार भरेंगे. उनका कहना है कि इस बार आर या पार होकर रहेगा. वहीं दूसरी तरफ चयनित पटवारी लेखपाल भी अपनी भर्ती के इंतजार में है. पीईबी ने 6 महीने से ज्यादा समय हो जाने के बाद भी कई ग्रुप के परिणाम घोषित नहीं किए हैं. अभ्यर्थी इंतजार में आए दिन पोर्टल पर सर्च करते रहते हैं पर उन्हें सिर्फ निराशा हाथ लगती है. और स्वतंत्रता दिवस के दिन ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़े-बड़े वादे कर दिए है. पुराने बाजे तो पूरे कर पाने में अक्षम हैं, पर नया लॉलीपॉप जनता को थमा दिया. ताकि चुनाव में यह कार्ड खेला जा सके.

 

 देखते हैं आगे आने वाले समय में मुख्यमंत्री और कितने झूठे वादे झूठी तसल्ली जनता को देने वाले हैं.

 

 

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