भोपाल:- युवाओं ने भरी हुंकार: "किसान महापंचायत" के बाद अब "छात्र युवा महापंचायत", सीएम शिवराज की बढेंगी मुश्किलें

भोपाल:- युवाओं ने भरी हुंकार: “किसान महापंचायत” के बाद अब “छात्र युवा महापंचायत” सीएम शिवराज की बढेंगी मुश्किलें
भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:– देश में बेरोजगारी चरम पर है, युवा परेशान हैं. कई भर्तियां रुकी हुई हैं, और सरकार इन मुद्दों को छोड़कर चुनावी कार्यक्रमों में ज्यादा ध्यान दे रही है.
इस वक्त बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं. देशभर के दिग्गज नेता अपनी सरकार इन राज्यों में बनाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं.
पर युवाओं के मुद्दे पर किसी का ध्यान नहीं है. युवा बेरोजगार हैं, आर्थिक स्थिति से जूझ रहे हैं. किसान पंचायतों के बाद अब देश में “छात्र युवा पंचायत” शुरू हो चुकी है. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार 24 मार्च को छात्र युवा पंचायत बुलाई गई थी जिसमें बड़े पैमाने पर रोजगार तलाश रहे आम छात्रों के साथ शहर के तमाम छात्र युवा संगठन और नेताओं ने शिरकत की.
इस छात्र युवा पंचायत में सरकारी भर्तियों में देरी,नौकरियों में कटौती और रोजगार के कई महत्वपूर्ण सवालों को उठाया गया. महापंचायत में युवा हल्ला बोल, छात्र सभा,युवा मंच, युवजन सभा, आईसा, एनएसयूआई,एमपी स्टूडेंट्स यूनिटी समेत तमाम संगठनों की भागीदारी रही.
छात्रों ने कहा कि अगर युवाओं के मुद्दे पर सरकार जल्दी से जल्दी ध्यान नहीं देती है तो किसानों की तरह अब युवाओं ने भी यह संकल्प लिया है कि हम देशव्यापी आंदोलन खड़ा करेंगे.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बढ़ेंगी मुश्किलें:-
मध्यप्रदेश में भी अब छात्रों ने “छात्र युवा पंचायत” का आगाज कर दिया है. इस युवा पंचायत से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
बता दे कि 27 अप्रैल को मप्र की राजधानी भोपाल में “छात्र युवा पंचायत” द्वारा युवा हुंकार भरेगा.
जिसमें बेरोज़गारी और Privatization पर अपनी बात युवा रखेंगे.
मध्य प्रदेश में बीते कई सालों से पटवारी भर्ती प्रक्रिया रुकी हुई है.जो पटवारी परीक्षा में छात्र चयनित हैं वह लगातार सरकार से भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार इनकी बिल्कुल भी सुध नहीं ले रही है. जिस के मुद्दे पर शिवराज सिंह चौहान की सरकार बनी थी वह अतिथि विद्वान भी अभी तक सेवा से बाहर हैं. आर्थिक स्थिति से जूझते जूझते कई अतिथि विद्वानों ने आत्महत्या भी कर ली. पर सरकार इनकी बिल्कुल भी सुध नहीं ले रही.
मध्य प्रदेश के छात्रों ने यह आरोप भी लगाया है कि एनएचएमसीएचओ भर्ती प्रक्रिया में बड़ा घोटाला हुआ है. इस तरह से युवा परेशान हैं. पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चुनावी रैलियां और कार्यक्रम से फुर्सत नहीं मिल रही है.
प्रयागराज में छात्र युवा पंचायत को संबोधित करते हुए युवा हल्ला बोल संस्थापक अनुपम ने सरकार को झूठा प्रचार बंद करके सच्चे रोजगार पर ध्यान देने की अपील की.
अनुपम ने कहा कि भारत के युवाओं के साथ रोजगार के नाम पर हो रहा छलावा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बड़े बड़े वादे कर सत्ता में आई सरकार आज रोजगार और सरकारी नौकरियों के नाम पर झूठा प्रचार करने में जनता का पैसा बर्बाद कर रही है.
राजधानी भोपाल में 27 अप्रैल को बड़ी संख्या में छात्र एकत्रित होंगे और सरकार के सामने अपनी मांग रखेंगे.
https://twitter.com/MPStudentsUnity/status/1378201252299862018?s=19
युवाओं का यह भी कहना है कि अगर सरकार उनकी मांग नहीं मानती है तो मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ अन्य जिलों में भी छात्र युवा पंचायत किया जाएगा.
इसके साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र युवा पंचायत करेंगे.




