शासन- प्रशासन की सह पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के आदेश को धता बता रहें शराब ठेकेदार,देखें video

सिहोरा : शासन- प्रशासन की शह पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के आदेश को धता बता रहे शराब ठेकेदार, देखें video
(खितौला) स्थित अंग्रेजी शराब दुकान का मामला : शराब ठेकदार का पार्टनर खुद खड़े होकर बिकवा रहा था शराब , कलेक्टर, एस डी एम जानकारी के बाद भी बचते रहे कार्यवाही करने से
द लोकनीति डेस्क जबलपुर (सिहोरा )
सिहोरा : कोरोना काल के दौरान यदि आम आदमी नियमों का उल्लंघन करता है तो उनके बड़े-बड़े चालान काटे जाते हैं लेकिन ऐसी बात शराब दुकान की आती है तो इसमें शासन प्रशासन और पुलिस किस तरह अपनी जिम्मेदारियों से बचते हैं इसका जीता जागता नमूना सिहोरा (खितौला) स्थित अंग्रेजी शराब दुकान में देखने को मिला। रविवार को जहां पूरा मध्य प्रदेश लॉक डाउन था, लेकिन खितौला अंग्रेजी शराब दुकान में रात 8:00 बजे के लगभग दुकान के कर्मचारी खुलेआम शराब बेच रही थे। मामले की जानकारी लगते ही खितौला पुलिस मौके पर तो पहुंची तो जरूर लेकिन कार्रवाई करने में आनाकानी करती रही। मामले की जानकारी कलेक्टर और सिहोरा एसडीएम को भी दी गई लेकिन वह भी कार्रवाई करने के बजाए आनाकानी करते रहे।

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मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग द्वारा रविवार को पूरे मध्यप्रदेश में लॉकडाउन के आदेश जारी किए गए जिसमें शराब दुकानें भी शामिल थी। लेकिन शायद खितौला शराब दुकान के लिए लॉक डाउन का नियम कुछ अलग ही है, शराब ठेकेदार(प्रभा स्टार)राजीव जयसवाल की दुकान के कर्मचारी शाम 6:00 बजे से ही शटर उठाकर शराब बेच रहे थे। अवैध शराब बिक्री की जानकारी खितौला बाजार पुलिस को मिली तो पुलिस का अमला टीआई गोपाल सिंह जंगेत के साथ मौके पर पहुंचे जरूर, लेकिन कार्रवाई के नाम पर एसडीएम, तहसीलदार की बातें करता रहा। वही ठेकेदार के कर्मचारी दुकान खुली छोड़कर मौके से भाग गए पुलिस का अमला उन्हें पकड़ भी नहीं सका।

कार्रवाई से अधिकारी बचने एक दूसरे पर डालते रहे जिम्मेदारी : अवैध शराब के इस मामले में जब जबलपुर कलेक्टर भरत यादव से बात की गई तो उनका कहना था कि इसमें मैं कुछ नहीं कर सकता इसकी जानकारी सिहोरा एसडीएम को दो। वहीं जब सिहोरा एसडीएम चंद्र प्रताप गोहिल से को इसकी जानकारी दी गई तो वह भी अपनी जिम्मेदारी से बचते रहे और सिर्फ उन्होंने इतना ही कहा कि पुलिस अपनी कार्रवाई कर करें।

पुलिस को हर माह देते हैं पैसा : टोटल लॉकडाउन के दौरान अंग्रेजी शराब दुकान में खुलेआम शराब अवैध बिक्री होना इस बात को सिद्ध करता है कि शराब ठेकेदार पुलिस और प्रशासन को मोटी रकम दे रहे हैं इसलिए उन्हें किसी प्रकार का कोई डर नहीं है। जिस प्रकार संगठित रूप से शराब के अवैध कारोबार का काम सिहोरा नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहा है। वह इस बात को साबित करता है कि बिना पुलिस और प्रशासन की सांठगांठ के शराब ठेकेदार शराब का अवैध व्यापार नहीं कर सकते।




