शिवराज सरकार के लिए बंगाल चुनाव है ज्यादा महत्वपूर्ण, लगातार टाली जा रही है नगरीय निकाय चुनाव की तारीख

शिवराज सरकार के लिए बंगाल चुनाव है ज्यादा महत्वपूर्ण, लगातार टाली जा रही है नगरीय निकाय चुनाव की तारीख

शिवराज सरकार के लिए बंगाल चुनाव है ज्यादा महत्वपूर्ण, लगातार टाली जा रही है नगरीय निकाय चुनाव की तारीख


द लोकनीति डेस्क:गरिमा श्रीवास्तव 
आप सभी सोच रहे होंगे कि शिवराज सरकार ने सभी को मिशन नगरोदय कार्यक्रम के तहत बड़ी सौगात सौंपी है, यह सरकार सबसे बेहतरीन है,पर इसके पीछे भी कोई बड़ी वजह जरूर होगी...
 सभी नगरीय निकाय चुनाव की तारीखो का इंतजार कर रहे होंगे लेकिन सियासी दल तो कुछ और ही चाहते हैं.
 
 कोरोना काल के दौरान मध्य प्रदेश में उपचुनाव कराये गए . पर विधानसभा सत्र को पूर्व में टाला गया था. सरकार ने कोरोना का हवाला देकर विधानसभा सत्र को टाल दिया था.ठीक इसी तरह से कोरोना का हवाला देकर इस वक्त सरकार नगरीय निकाय चुनाव की तारीखों को लगातार टालती रही है.
  दरअसल 12 मार्च को मुख्यमंत्री नगरोदय कार्यक्रम के तहत.प्रदेश भर के नगरों को बड़ी सौगात दी .अब आप इसे सरकार का प्री चुनाव तोहफा समझ लीजिये.चुनाव के ठीक पहले शिवराज सरकार ने मास्टर स्ट्रोक खेला है.कहीं ना कही आप यह कह सकते हैं कि  चुनाव से पहले यह प्री गिफ्ट देने का कार्यक्रम इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इन्हें भी बदले में आप सभी से कुछ न कुछ चाहिए.. सीधे तौर पर कह सकते हैं कि नगरीय निकाय चुनाव में अपनी जीत दर्ज कराने के लिए यह प्री गिफ्ट जनता के बीच बांटा जाएगा.नगरोदय कार्यक्रम के माध्यम से 3100 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का खाका अलग-अलग योजनाओं के लिए रखा गया हैं। इसमें 1600 करोड़ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत और मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के तहत 1500 करोड़ रुपए बांटे जाने की बात कहीं जा रही हैं. स्वरोजगार के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना प्रारंभ की गई पर मध्य प्रदेश की युवा बेरोजगार है.

 

गौरतलब है कि कोरोना की वजह से एमपी में लगातार नगरीय निकाय चुनाव टलते रहे।पहले कमलनाथ सरकार ने चुनाव की तारीख बढ़ाई,इसके बाद शिवराज सरकार ने भी कोरोना का हवाला देकर चुनाव की तारीखों को टाला जब चुनाव स्थगित किए गए थे तो राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने आदेश में कहा था कि प्रदेश सरकार को जब भी लगेगा कि हालत बेहतर हुए हैं और आम निर्वाचन कराए जा सकते हैं तो वह आयोग को इसकी सूचना दे सकती हैं।चुनाव आयोग मतदान के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 
पर राज्य सरकार की हरी झंडी दिखाए बिना चुनाव नहीं कराया जा सकता..

 कहीं ना कहीं यह भी लग रहा है कि बीजेपी के लिए बंगाल चुनाव ज्यादा महत्वपूर्ण है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा,मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग और सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया  स्टार प्रचारक है.यही वजह है कि मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव को 3-4 माह तक के लिए टाला जा सकता हैं।
 MP में लोगों के बीच गिफ्ट बांटा जा रहा है. अब ऐसे में लगता है कि चुनाव जितनी जल्दी हो जाए उतना अच्छा है नहीं तो mp में इतने घोटाले, माफिया और अपराध बढ़ते जा रहे हैं तो क्या पता सरकार का मास्टरस्ट्रोक कभी भी फेल हो सकता है. यह सौगात सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक हैं जनता को लुभाने का....