प्यारे मियां मामला:- दुष्कर्म पीड़िता की मां का आरोप, एजेंसियां कर रहीं अपराधियों जैसा सलूक

प्यारे मियां मामला:- दुष्कर्म पीड़िता की मां का आरोप, एजेंसियां कर रहीं अपराधियों जैसा सलूक
भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- प्यारे मियां यौन शोषण के मामले में दुष्कर्म पीड़िता की मौत को अब 8 दिन हो गए हैं पर जांच चल ही रही है अभी तक रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है. मृतक बच्ची की मां अपनी बेटी की मौत के लिए सरकारी सिस्टम को दोषी मानती है. उनका कहना है कि बेटी की मौत के बाद महिला बाल विकास विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक के अफसर घर आए थे.सभी ने निष्पक्ष जांच जल्द पूरी कराने की बात कही थी.तब से अब तक 8 दिन गुजर चुके हैं लेकिन किसी भी जांच एजेंसी का कोई अफसर बयान लेने नहीं आया. उल्टे पुलिस बाल अधिकार संरक्षण आयोग और दूसरी एजेंसी के अफसर रोज फोन करके बयान के लिए दफ्तर बुला रहे हैं.एजेंसी अपराधियों जैसा सलूक कर रहे हैं जबकि इस मामले में मैं पीड़िता हूं ना कि अपराधी.
दूसरे दुष्कर्म पीड़िता नाबालिगो की सुपुर्दगी के लिए परिजनों ने लगाया कोर्ट में आवेदन:-
प्यारे मियां यौन शोषण मामले में एक दुष्कर्म पीड़िता की हमीदिया अस्पताल में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई जिसके बाद बाकी चार बच्चियों के परिजनों नें यह बात कही कि बालिका गृह में हमारी बच्चियां सुरक्षित नहीं है.फिलहाल यौन शोषण मामले की चारों पीड़ित ने 3 फरवरी तक बालिका गृह में रहेंगी.समिति के सदस्य कृपाशंकर चौबे के मुताबिक बच्चियों की सुपुर्दगी के लिए परिजनों ने कोर्ट में भी आवेदन लगाया है 3 फरवरी से पहले अगर कोर्ट से कोई दिशा निर्देश मिलेंगे तो उनका पालन सभी पक्षों को करना होगा.
परिजनों की होम स्टडी कराएगी बाल कल्याण समिति:-
बाल कल्याण समिति चारों नाबालिगों के परिजनों की होम स्टडी कर आएगी. बता दें कि नाबालिगों के परिजनों ने अपनी बच्चियों की सुपुर्दगी के लिए कोर्ट में आवेदन किया है.होम स्टडी के माध्यम से समिति यह पता लगाएगी कि परिजनों की सुपुर्दगी में बच्चियां सुरक्षित रहेंगी अथवा नहीं.उनकी पढ़ाई लिखाई सहित दूसरी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है या नहीं.ताकि यौन हिंसा की शिकार चारों बच्चियों का बेहतर पुनर्वास हो सके..




