शिवराज की सख्ती, आला अफसरों को सवालों में घेरा, जवाब देने वालों के उड़ गए होश

शिवराज की सख्ती, आला अफसरों को सवालों में घेरा, जवाब देने वालों के उड़ गए होश
भोपाल/निशा चौकसे:- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अब अफसरों पर सख्ती बरतने के मूड में है. नए साल 2022 में मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक की इस दौरान विभागों के कामकाज पर चर्चा हुई. इसमें उन्होंने अफसरों से एक के बाद एक कई सवाल पूछ कर उन्हें हैरान कर दिया. जिनके जवाब देने में आला अफसरों के पसीने छूट गए. जिन अफसरों से सवाल पूछे वह भी सवाल सुनकर दंग रह गए.
तीखे तेवर में किए ये सवाल
मुख्यमंत्री ने प्रशासन विभाग से पूछा कि मंत्रालय में फाइल पेंडिंग रहने का मेकनिज्म क्या है? एक फाइल कितने दिन में निपट जाती है. एसीएस, पीएस, जीएडी, कितनी बार मंत्रालय उन्हें सरप्राइज विजिट कर रहे हैं. साथ ही कहा मैदानी स्तर के अफसरों की डायरी बन रही है या नहीं. रात्रि विश्राम का स्टेटस क्या है? कर्मचारियों की अलमारी चेक कर रहे हैं या यह प्रथा बंद हो गई है. कितनी फाइल कहां पर पेंडिंग है पता लगा रहे हैं या नहीं सरकारी ईमेल का कितना इस्तेमाल हो रहा है.
अफसरों के छूटे पसीने
मुख्यमंत्री ने पीएचक्यू में पदस्थ आईपीएस अफसरों के मैदानी दौरे को लेकर सवाल किये. उन्होंने कहा हर बात का ब्यूरो रखें. मैदानी अफसरों की कानून संबंधी ट्रेनिंग कब से नहीं हुई है. सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इंडेक्स में 16 इंडिकेटर गृह विभाग से संबंधित है इनकी रेटिंग इतनी कम क्यों हुई इसके सुधार के लिए क्या काम किए गए. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्राइम घटाने और समझाने के लिए फॉरेंसिक साइंस का कितना इस्तेमाल हुआ और इसका कितना लाभ हुआ. गृह विभाग से इस तरह के तमाम सवाल मुख्यमंत्री ने किए जिसके जवाब देने में अफसरों के पसीने छूट गए.
प्रदेश को बनाना है मॉडल राज्य: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा मध्य प्रदेश को मॉडल राज्य बनाना है. इसके लिए री डेंसिफिकेशन की प्रक्रिया को तेज किया जाए. लॉ एंड ऑर्डर की व्यवस्था तेज करने में सीनियर अफसरों की भी मदद ली जाए. जिलों की अच्छी रैंकिंग के लिए कदम उठाए जाएं.




