MP : सरकार को अपने "मंत्रियों" पर भरोसा नहीं, डर है कहीं "निपटा" न दें, छोड़े जासूस…दे रहें पल पल की खबरें

भोपाल/खाईद जौहर : मध्यप्रदेश की 4 सीटों पर होने वाले उपचुनावों में भाजपा कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है, यहीं वजह है कि सरकार ने इन सभी सीटों पर अपने जासूस छोड़ दिए है, जो पल पल की खबरें सरकार तक पंहुचा रहे हैं। दरअसल, हर सीट पर 4-5 मंत्रियों का डेरा है, इनमें से दो-तीन मंत्री पर 'सरकार' को बिल्कुल भी भरोसा नहीं है।
कहा जा रहा है कि शिवराज सरकार में एक मंत्री ऐसे हैं, भले ही विपक्ष को आड़े हाथ लेने में बिल्कुल भी संकोच नहीं करते, लेकिन राजनीतिक विरोधियों को उनसे दिक्कत नहीं होती। कांग्रेस का कोई नेता उनके खिलाफ बयानबाजी भी मुखर होकर नहीं करता। चर्चा है कि मंत्रीजी, विपक्ष के कद्दावर कहे जाने वाले नेताओं को साधे रखने के लिए उनका कोई काम नहीं रोकते, लेकिन अंदरखाने की खबर इसके उलट है। सुना है कि कांग्रेस के वे नेता, जिनका कमलनाथ सरकार में कद बड़ा था, वे मंत्रीजी को कुछ दस्तावेज दिखाकर काम करा रहे हैं।
वहीं, सरकार को डर है कि कहीं मंत्री निपटा न दें, इसलिए इनके साथ संगठन के पदाधिकारियों को अटैच किया गया। पहले स्थानीय नेताओं से मंत्रियों की हर दिन रिपोर्ट ली गई, लेकिन अब उनकी जासूसी भी हो रही है। 'सरकार' को खबरी पल-पल की जानकारी भेज रहे हैं। मंत्री किससे मिल रहे हैं, क्या कर रहे हैं। बंद कमरों में किसके साथ बैठक कर रहे हैं। फील्ड में कितना घूम रहे हैं।
सुना है कि एक मंत्री चुनाव प्रचार में कम, पार्टियां करने में ज्यादा व्यस्त हैं, जबकि उन्हें संगठन ने भितरघात रोकने जैसी अहम जिम्मेदारी दी है। जब यह जानकारी सरकार तक पहुंची, उन्होंने उनके पीछे जासूस छोड़ दिए हैं। इस मंत्री के बारे में यह भी फीडबैक आया कि वे विरोधियों से भी मेल-मुलाकात कर रहे हैं। अब देखना है कि इनसे 'सरकार' निपटेगी, या फिर संगठन?
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