व्यवस्थाएं चौपट : JP अस्पताल में बेड फुल, 46 बच्चें भर्ती, पेटी पर लिटाकर किया जा रहा है इलाज

- मौसम में बदलाव के साथ अस्पतालों में वायरल फीवर से पीड़ित बच्चों की बढ़ी संख्या
- JP अस्पताल में व्यस्थाएं हुई चौपट, बेड हुए फुल
- कोरोना और डेंगू की भी करवाई जा रही है जांच
भोपाल : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना, डेंगू के बाद अब वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ने लगा है। जिसका ज़्यादा असर बच्चों में देखा जा रहा है। हालात ये हो गए है कि बच्चों को अस्पताल में भर्ती करने के लिए बेड कम पड़ने लगे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, अकेले जेपी अस्पताल में हो रोजाना एक दर्जन से अधिक बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
बताया जा रहा है कि “जेपी अस्पताल में बच्चों के लिए दो वार्ड आरक्षित हैं। इनमें 30 बेड है, जबकि यहां 46 बच्चे भर्ती हैं। ऐसे में बच्चों को पेटी पर लिटाकर इलाज करना पड़ रहा है। इधर, हमीदिया अस्पताल परिसर स्थित कमला नेहरू अस्पताल में भी वायरल फीवर सर्दी-खांसी से पीड़ित बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
जेपी अस्पताल के शिशु रोग विभाग के प्रभारी डॉ. अरुणा दीक्षित ने बताया कि बुखार से पीड़ित बच्चे ज्यादा आ रहे हैं। इनका कोविड टेस्ट कराया जा रहा है। अभी तक कोई बच्चा पॉजीटिव नहीं आया है। इसके अलावा डेंगू का टेस्ट भी किया जाता है। अभी तक दो बच्चे डेंगू पीडित मिल चुके हैं।
बता दे कि गंभीर बच्चों को भर्ती करने के लिए अलग से वार्ड भी बनाया गया है। सोमवार को ओपीडी में बड़ी संख्या में महिलाएं बच्चों के साथ लाइन में लगी थी। वहीं शिशु रोग विशेषज्ञों के कक्ष के बाहर भी काफी भीड़ थी।




