MP:- आखिर कब मिलेंगे स्कूलों को शिक्षक? कब होगी नियुक्ति
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MP:- आखिर कब मिलेंगे स्कूलों को शिक्षक? कब होगी नियुक्ति
भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती 2018 में चयनित शिक्षक आज भी अपनी नियुक्ति का इंतज़ार कर रहे हैं। कई चयनित शिक्षक नौकरी का इंतज़ार करते करते कोरोना की भेंट चढ़ते हुए काल के गाल में समा गए जिससे उनके परिवार वालों के पास जीवन यापन करने का भारी संकट उतपन्न हो गया है। सभी अब जून में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया को फिर से शुरू किया गया है लेकिन यह अपने अंजाम तक कब पहुँचेगी, कोई नहीं जानता?
कोरोना के कारण रुकी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया 7 जून से शुरू हुई जिसमें वर्ग 1 के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया, जो अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हो सके हैं उनको लास्ट कॉल 16 जून को की गई है। वेरिफिकेशन के बाद विभाग ने मध्यप्रदेश के समस्त विद्यालयों से रिक्तियों की जानकारी मंगाई है जिससे चयनित शिक्षकों की नियुक्ति में कोई अड़चन न आने पाए। पिछले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री ने स्वयं गम्भीरता दिखाते हुए भर्ती पूर्ण करने का निर्देश विभाग को दिया है।
नियुक्ति की तारीख स्पष्ट न होने से असमंजस में चयनित शिक्षक:
शिक्षा विभाग द्वारा चयनित शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को पुनः शुरू करते हुए दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया है। चयनित शिक्षक संघ के प्रदेश संयोजक योगेंद्र पांडेय ने बताया कि अभी भी पोर्टल पर नियुक्ति की तारीख प्रदर्शित नहीं की गई है। हमे जल्द से जल्द नियुक्ति चाहिए जिससे हम विद्यालय में जाकर छात्रों को भी कोरोना काल मे ही ऑनलाइन ही सही लेकिन अच्छी शिक्षा दे सकें।
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में चयनित शिक्षक संघ ने सत्यापन पश्चात जुलाई के पहले ही सप्ताह में नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग की है। संघ के मीडिया प्रभारी बृजेश नामदेव ने बताया कि शिक्षक भर्ती 2018 के दस्तावेजों के सत्यापन का कार्य करीब पूर्ण हो चुका है। दस्तावेज सत्यापन DPI द्वारा वर्ग 1 और वर्ग 2 के लिये कराया गया है। चयनित शिक्षक संघ मध्यप्रदेश की मांग है कि उनकी नियुक्ति जुलाई के पहले ही सप्ताह में सुनिश्चित की जाय। विदित है कि नया सत्र 15 जून से शुरू हुआ है और शिक्षामंत्री ने नए सत्र की शुरुआत में ही चयनित शिक्षकों की नियुक्ति की बात कही है।
शिक्षकों की है प्रदेश में भारी कमी:
मध्यप्रदेश में छात्रों के अनुपात में शिक्षकों की काफी कम संख्या है। सामान्य स्तर पर 30 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए, लेकिन मध्यप्रदेश में 50 छात्रों पर एक शिक्षक हैं। 5000 से ज्यादा स्कूल बिना शिक्षकों के चल रहे हैं। नियमित शिक्षकों के न होने से छात्रों की पढ़ाई में भी गम्भीर असर पड़ता है। ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द नियुक्ति देने की प्रक्रिया करनी चाहिए जिससे हम बेरोजगारों को और छात्रों को दोनों को फायदा मिल सके.
नीलेश तिवारी, प्रदेश उपाध्यक्ष (चयनित शिक्षक संघ)

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