देशव्यापी ‘चक्का जाम’ हुआ खत्म, 50 प्रदर्शनकारी पुलिस की हिरासत में

देशव्यापी ‘चक्का जाम’ हुआ खत्म, 50 प्रदर्शनकारी पुलिस की हिरासत में
केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों का देशव्यापी ‘चक्का जाम’ समाप्त हो गया. किसान संगठनों ने अपने आंदोलन स्थलों के पास के क्षेत्रों में इंटरनेट पर रोक लगाए जाने, अधिकारियों द्वारा कथित रूप से उन्हें प्रताड़ित किए जाने और अन्य मुद्दों को लेकर छह फरवरी को देशव्यापी ‘चक्का जाम’ की घोषणा की थी जिस दौरान उन्होंने दोपहर 12 बजे से अपराह्न तीन बजे के बीच राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को अवरुद्ध करने की बात कही थी. देशव्यापी ‘चक्का जाम’ के दौरान असर दिल्ली मे बेहद रहा. जिसके परिणामस्वरूप पठानकोट-जम्मू राजमार्ग बाधित रहा. तो वहीं पंजाब-हरियाणा की सीमा को सील कर दिया था. 26 जनवरी को हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने अब भी दिल्ली कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किया है और सीमाओं मे नजर बनाए हुए है. सूत्रो के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय किसान यूनियनों के साथ एकजुटता दिखाते हुए कर्नाटक किसान संगठनों ने राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुद्ध करने में आंशिक रूप से सफलता पाई. पर मार्ग अवरुद्ध होने की वजह से मैसूरु-बेंगलुरु राजमार्ग पर ट्रैफिक पर असर पड़ा, जबकि राज्य में सत्तारूढ़ BJP के गढ़ रहे तटीय क्षेत्र को छोड़कर, किसानों ने राज्य भर में वाहनों को रोकने में आंशिक रूप से सफलता पाई. राज्य भर में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किए गए और किसी भी तरह की अवांछित घटना सामने नहीं आई. वहीं आंदोलन कर रहे किसानों के ‘चक्का जाम’ के आह्वान के समर्थन में कथित रूप से प्रदर्शन करने के लिए शनिवार को मध्य दिल्ली के शहीदी पार्क के पास 50 व्यक्तियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.




