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शिवराज सरकार का अतिथि विद्वानों को लेकर बड़ा फ़ैसला, किया ये काम…

भोपाल / आयुषी जैन – बीते 9 महीने से अतिथि विद्वान अपनी सेवा से वंचित हैं। जिसके बाद अपने नियमितीकरण को लेकर वह लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं। बता दें कि आर्थिक संकट से परेशान होकर अबतक 5 अतिथि विद्वानों ने आत्महत्या की हैं।

इसी बीच अतिथि विद्वानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहां प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने अतिथि विद्वान के आमंत्रण कैलेंडर जारी किए हैं। 

वहीं अब इस मुद्दे पर एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी का कहना है कि प्रतिनिधिमंडल के समर्थन के बाद शिवराज सरकार को झुकना पड़ा हैं। लेकिन हमारी मांग जारी रहेगी और वही हम अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण की मांग करते रहेंगे।

गौरतलब है कि कमलनाथ ने अतिथि विद्वानों को सेवा से बाहर कर दिया था। तब विपक्ष में रही भाजपा ने इस मुद्दे को ज़ोरो से उठाया था, हालांकि अब जब भाजपा खुद सत्ता में आ गई है तब भी ये मुद्दा बना हुआ हैं। 

अतिथि विद्वानों के मुद्दे ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं। जिसके बाद वेतन की कमी से जूझ रहे एक अतिथि विद्वान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं। 

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