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सरपंच ने आश्रम की ज़मीन हड़पी और अब बोल रही हैं जो करना है कर लो मैं किसी से नहीं डरती

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जबलपुर
सिहोरा तहसील के ग्राम पंचायत शैलवारा में सरपंच ,सचिव औऱ सम्बंधित अधिकारियों की मिलीभगत से ग्राम पंचायत शैलवारा में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। जब हमारी “द लोकनीति” टीम  ग्राम शैलवारा पहुँची तो हमें कुछ ग्रामवासियों ने बताया कि यहां की पंचायत में सरपंच सचिव द्वारा भारी भ्रष्टाचार हो रहा है, साथ ही शैलेश्वर धाम के महंत जी ने भी यहां की सरपंच शीला उरमलिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मंगल भवन के जगह पर बना दिया सामुदायिक भवन
दरअसल शैलवारा शैलेश्वर धाम के नाम से प्रसिद्ध आश्रम है। पंचायत के द्वारा आश्रम के अंदर सामुदायिक भवन बनाया गया है जो कि यहां के महंत जी ने गलत बताया है। उनका कहना हैं कि महाराज जी के नाम से सरकारी पैसा आया था,जिससे मंगल भवन बनना था ,औऱ अब यहाँ की महिला सरपंच ने उसी मंगल भवन पर लीपापोती कर उसे ही सामुदायिक भवन  बनवा दिया हैं , जो कि बिल्कुल अनुचित हैं। अब आलम यह हैं कि इस पवित्र आश्रम में ऐसे शादी पार्टी जैसे समाजिक कार्यों में कई प्रकार के असमाजिक तत्वों से भरे लोगों का भी आना रहता हैं, इससे इस आश्रम की पवित्रता भी धूमिल हो रही हैं, एक बड़ा प्रश्न यह भी है, कि जब सरकारी ग्राम पंचायत कार्यालय औऱ उसी से सटा सरकारी स्कूल, सरकारी ज़मीन पर बना हुआ हैं ,तो यह सामुदायिक भवन आश्रम की निजी ज़मीन पर कैसे बन गया?

लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत औऱ सरपंच की लीपापोती से आश्रम में ऐसा किया जा रहा हैं।

वहीँ दूसरी ओर जब हमनें इस मामले में ,ग्राम पंचायत शैलवारा की सरपंच शीला उरमलिया से बात करनी चाही तो ,पंचायत कार्यालय बंद पड़ा हुआ था, ग्रामीणों का यह भी आरोप  हैं कि पंचायत कार्यालय कई हफ्तों तक नहीं खुलता ,यहां lockdown के दौरान राशन वितरण भी नहीं हुआ हैं।

कुल मिलाकर हमें जो सुनने मिला कि वो महिला सरपंच एक दबंग महिला हैं उनसे कोई नहीं उलझता ,ख़ैर जैसे-तैसे हम पता पूछते-पांचते सरपंच के घर गए तो वे हमें मिली।

सवाल करने पर दिखाई दबंगई

हमनें जब शैलवारा सरपंच शीला उरमलिया से बात की तो उन्होंने हमारे एक दो प्रश्नों का जवाब तो दिया लेकिन जब हमनें सामुदायिक भवन के बारे में प्रश्न किया तो वे बड़ी आग-बबूला होकर बदतमीजी से जवाब देने लगीं, कहने लगीं ,ये अपना mic औऱ camera बंद करो… हमसे मिलने की परमिशन कहाँ हैं। 

मैं किसी प्रश्न का जवाब नहीं दूँगी-शीला उरमलिया, सरपंच (शैलवारा)  हम किसी प्रश्न का जवाब नहीं देंगे ,तुम लोगों को जो करना हैं,कर लो जिस अधिकारी से मेरी कंप्लेन करना हैं कर दो,मैं किसी से नहीं डरती।

सरपंच एक बार हुई है सस्पेंड
तो हम वहां से आगे की ओर प्रस्थान किये ओर गांव वालों को इस घटना से अवगत कराएं, तो उनका कहना था ,ये सरपंच बड़ी बदतमीज महिला हैं इसलिए ये एक बार सस्पेंड हो चुकी हैं।

ग्रामीणों में अलग डर है

ग्रामीणों का कहना हैं कि यदि प्रशासनिक अधिकारी इसकी जाँच करें तो ,सरपंच मैडम के बहुत सारे घोटाले सामने उजागर होंगे।

फ़िलहाल आलम यह की सरपंच शीला उरमलिया से गाँव के लोग डरते हैं औऱ उनसे ख़िलाफ़त या विरोध को लेकर खुलकर सामने नहीं आते। यहीं वज़ह हैं कि आज भी देश में ऐसी सैकड़ों पंचायत में लोगों को बोलने औऱ उनके हक़ के लिए डरा -धमकाकर उनको चुप करा दिया जाता हैं, औऱ जमकर लूटमारी औऱ भ्रष्टाचार जारी हैं।

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