गर्मियों में लू से बचाव तथा इनके प्राथमिक उपचार के लिए आवश्यक सलाह

बड़वानी से हेमंत नागझिरिया की रिपोर्ट – स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले की आम जनता को गर्मी से बचाव और इनके प्राथमिक उपचार के लिए सलाह दी गई है, कि सीधी धूप मे जाने से बचें। घर के अंदर हवादार, ठंडे स्थान पर रहें। पंखे का उपयोग करें, अधिक तापमान होने पर ठंडे पानी से नहायें तथा कूलर का प्रयोग करें। हल्के रंग के ढीले व पतले वस्त्रो का प्रयोग करें। धूप मे जाने से पहले सिर को छाते, कपडे अथवा टोपी से ढंके। जूते- चप्पल तथा नजर के काले चश्मे का प्रयोग करे।
घर से भोजन कर के एवं पानी पीकर ही बाहर निकले। पानी का अधिक मात्रा मे सेवन करें तथा प्यास लगने का इंतजार न करें। अधिक से अधिक पेय पदार्थ (नान अल्कोहाॅलिक) जैसे नींबू पानी, लस्सी, छाछ, जलजीरा, आमपना, दही, नारियल पानी आदि का सेवन करें। फल तथा सब्जी जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है (तरबूज, खरबूज, खीरा, अनानास, संतरा, अंगूर आदि) का अधिक मात्रा में सेवन करें। शिशुओ तथा बच्चों, 60 वर्ष से अधिक आयु के महिला-पुरूषों, घर के बाहार काम करने वाले, मानसिक रोगियों तथा उच्च रक्तचाप वाले मरीजों का विशेष ध्यान रखें। बंद गाडी के अंदर का तापमान बाहर से अधिक होता है इसलिए कभी भी किसी को बंद या पार्किंग मे रखी गाड़ी में अकेला ना छोडे। अत्याधिक शारीरिक श्रम वाली गतिविधियां दिन के अधिकतम तापमान वाले घंटो में न करे। बहुत अधिक भीड, गर्म घुटन भरे कमरों, रेल, बस आदि की यात्रा गर्मी के मौसम में अत्यावश्यक होने पर ही करें।
यदि कोई व्यक्ति लू तापघात से प्रभावित होता है, तो उसका तत्काल उपचार करें
यदि कोई व्यक्ति लू तापघात से प्रभावित होता है, तो उसका तत्काल उपचार करें। रोगी को तत्काल छायादार जगह पर कपड़े ढीले कर लिटा दे एवं हवा करें एवं रोगी को होश मे आने पर, उसे ठण्डे पेय पदार्थ जीवन रक्षक घोल, कच्चा आम का पना आदि दें। प्याज का रस एवं जौ के आटे को भी ताप नियंत्रण हेतु शरीर पर मला जा सकता हैं। रोगी के शरीर का ताप कम करने के लिये यदि संभव हो ,तो उसे ठण्डे पानी से स्नान करायें या उसके शरीर पर ठण्डे पानी की पट्टियां रखकर पूरे शरीर को ढक दें। इस प्रक्रिया को तब तक दोहराए जब तक की शरीर का तापमान कम नहीं हो जाता हैं। उपरोक्त उपचार से यदि मरीज ठीक नहीं होता है, तो उसे तत्काल निकट के चिकित्सा संस्थान में लेकर उपचार करवाये।




