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अब खुलकर सामने आई "दिग्गी-नाथ" की गुटबाज़ी, इन मामलों को लेकर छिड़ी जंग, इनके बेटों के भविष्य पर मंडराया खतरा

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – सत्ता हाथों से जाने के बावजूद भी कांग्रेस (Congress) नहीं संभल रहीं हैं। कांग्रेस के अंदर से अब विरोध की खबरे सामने आने लगी हैं। कभी कांग्रेस में दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh), कमलनाथ (Kamal nath) और ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) कैंप हुआ करते थे। लेकिन सिंधिया के जाने के बाद अब कमलनाथ और दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के गुटों के बीच आपसी खींचतान इस कदर बढ़ गई है कि इनकी लड़ाई अब सड़क पर आ गई हैं।

खास बात ये है कि अभी राज्य में उपचुनाव (By Election) होने हैं। ऐसे में कांग्रेस जहां सत्ता में वापसी करने के सपने देख रहीं है, वहीं अंदुरनी विरोध ने पार्टी की चिंता को ओर बढ़ा दिया हैं। इसके अलावा, प्रदेश के दोनों कद्दावर नेताओं के बीच अपने-अपने बेटों का भविष्य (Future) सुरक्षित करने को लेकर भी होड़ हैं।

नेता प्रतिपक्ष चुने जाने पर बवाल

नेता प्रतिपक्ष की बात है तो खेमेबाजी के चलते एक नाम पर सहमति नहीं बन पा रही। दिग्विजय खेमा कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे डॉ गोविंद सिंह (Govind Singh) को नेता प्रतिपक्ष बनवाना चाहता है, वहीं कमलनाथ खेमा उनके नाम का विरोध कर रहा हैं। जबकि कमलनाथ खेमे के लोग बाला बच्चन (Bala Bacchan) को नेता प्रतिपक्ष बनाना चाहता हैं।

उपचुनाव में प्रत्याशियों का मामला अटका

इधर, उपचुनावों के लिए प्रत्याशियों के नाम भी नहीं तय हो पा रहे हैं। दोनों ही खेमे के बीच अपने-अपने लोगों को टिकट (Tickets) दिलाने की खींचतान चल रही हैं। ऐसे में सत्ता में कांग्रेस कैसे वापसी करेगा ये तो भगवान भरोसे ही हैं।

अपने-अपने बेटों के भविष्य की चिंता

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अपने बेटे जयवर्द्धन (Jaivardhan) के लिए प्रदेश कांग्रेस की निष्कंटक सत्ता पाने का सपना संजोए हैं, वहीं कमलनाथ भी अपने बेटे व छिंदवाड़ा से सांसद नकुल नाथ (Nakulnath) को प्रदेश की राजनीति में आगे बढ़ाना चाहते हैं।

इन सब मामलों को लेकर दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच आपसी विवाद की खबरें सामने आई हैं। बरहाल अब देखना दिलचस्प हो गया है कि क्या उपचुनाव से पहले कांग्रेस किस तरह से इस मामलें को निपटाएगी।

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