5 नवंबर 2026खबरें • विश्लेषण • जनसरोकार

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सिंधिया समर्थकों का इंतज़ार होगा ख़त्म! सत्ता और संगठन में स्थान दिलाने की कवायद करेंगे महाराज… हलचल तेज़

सिंधिया समर्थकों का इंतज़ार होगा ख़त्म! सत्ता और संगठन में स्थान दिलाने की कवायद करेंगे महाराज... हलचल तेज़

मध्यप्रदेश/भोपाल : मध्यप्रदेश में एक बार फिर से प्रदेश की सियासत में उथल-पुथल दिख रही हैं। दरअसल बीते कुछ दिनों से लगातार प्रदेश की सियासी हवा बदली नजर आ रही हैं। सत्ताधारी दल के दिग्गज नेताओं के बीच लगातार मुलाकातों का दौर चल रहा हैं। मध्यप्रदेश की सियासत फिर से किसी बड़े बदलाव की तरफ बढ़ रही हैं। मेल मुलाकातों का दौर जारी हैं।

इसी बीच आज बीजेपी से राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया भोपाल आ रहे हैं। वो यहां दोपहर 1 बजे भोपाल पहुचेंगे। यहां पर उनकी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, संगठन महामंत्री सुहास भगत के अलावा कई मंत्रियों से भी मुलाकात होगी।

कहा जा रहा है कि प्रदेश में सिंधिया समर्थकों की लंबे समय से चली आ रही इंतजार की घड़ी समाप्त होने को हैं। इस बात की पूरी उम्मीद है कि वह अपने समर्थकों को सत्ता और संगठन में स्थान दिलाने की कवायद करेंगे।

माना जा रहा है कि वो अपने कुछ समर्थकों को निगम, मंडल और संगठन में नियुक्त कराना चाहते हैं। इन समर्थकों में सबसे पहला नाम इमरती देवी का है जो विधानसभा उपचुनाव तो हार गईं लेकिन उनका राजनीतिक पुनर्वास कराना ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्राथमिकता हैं। 

वहीं, सिंधिया के कट्टर समर्थक माने जाने वाले पंकज चतुर्वेदी भी अपनी काबिलियत और योग्यता के आधार पर अपनी मजबूत दावेदारी रखते हैं। इसके साथ ही भोपाल में सिंधिया समर्थक युवा नेता कृष्णा घाटगे भी प्रमुख दावेदारों में से हैं। बता दे कि सिंधिया इस दौरे के बाद दो दिन के लिए ग्वालियर चंबल संभाग जाएंगे और वहां कोरोना काल में दिवंगत हुए अपने कई समर्थकों के निवास पर जाकर संवेदना व्यक्त करेंगे। 

बहरहाल प्रदेश में लगातार चल रहीं मुलाकातों के दौर से सियासत गरमा गई हैं। कई तरह के अनुमान भी लगाए जा रहे हैं। इसी बीच सिंधिया के भोपाल आने की खबर के बाद से प्रदेश का सियासी पारा और चढ़ गया हैं। 

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