2 नवंबर 2026खबरें • विश्लेषण • जनसरोकार

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सुप्रीम कोर्ट में मुकुल रोहतगी व अभिषेक मनु सिंघवी की तीखी तकरीरें आमने सामने 

सुप्रीम कोर्ट में मुकुल रोहतगी व अभिषेक मनु सिंघवी की तीखी तकरीरें आमने सामने 

दोनों पक्ष फ्लोर टेस्ट के लिए राजी तो दूर क्यों कर्नाटक गोवा सही पुराने आदेशों की अवहेलना हो जल्दी फ्लोर टेस्ट हो एमएलए चिट्ठी एक भूखा है एमएलए साथ बिल्कुल भी नहीं है भाजपा के इसलिए हम कहते हैं कि फ्लोर टेस्ट आज ही होना चाहिए एवं प्रोटेम स्पीकर बना कर आज ही फ्लोर टेस्ट करवा देना चाहिए सुप्रीम कोर्ट चाहे तो विशेष सत्र बुलाने का आदेश भी दे दे यह कहना है कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट में वकील अभिषेक मनु सिंघवी का जो कि कांग्रेस की तरफ से पक्ष की पैरवी कर रहे थे। 

दोनों पक्षों के वैध दस्तावेज पर राज्यपाल ने फैसला लिया।  पारिवारिक लड़ाई से कोर्ट को कोई लेना देना नहीं है। 
यह कहना है मुकुल रोहतगी का जो भाजपा की तरफ से वकील है कर्नाटक के मामले से अलग बताया है। साथ ही उन्होंने बताया की महाराष्ट्र का मामला राज्यपाल की तारीख का सम्मान होना चाहिए कोर्ट इसमें दखल नहीं दे सकती। 

पार्टियों का मानना है कि विधायक भाग सकते हैं, परंतु इससे कोर्ट का कोई लेना देना नहीं है। 
विस्तृत जवाब के लिए समय देना चाहिए, अब फैसला विधानसभा की बैठक में ही होगा जिसकी संख्या ज्यादा होगी उसका स्पीकर होगा :-
मुकुल रोहतगी बीजेपी के वकील

 

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