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MP : राजनितिक मुद्दा बनकर रह गई नर्मदा नदी, हो रही जहरीली, करोडों का फंड जारी फिर भी हाल जैसे के तैसे 

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लेखक: Editor_Lokniti
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एमपी – राजनितिक मुद्दा बनकर रह गई नर्मदा नदी ,हो रही जहरीली ,करोड़ो का फण्ड जारी फिर भी हाल जैसे के तैसे 

मध्य प्रदेश की सबसे पुरानी वह लोकप्रिय नर्मदा नदी का पानी बहुत तेजी से गन्दा हो रहा है,अगर वक़्त रहते इसे नहीं रोका गया तो आने वाले सालो में यह पूरी तरह जहरीली हो जाएगी जिससे आस पास के गांव में बीमारी फैल जाएगी। जिसके बाद वह मध्य प्रदेश की जीवन रेखा नहीं रह जाएगी।

अधिवक्ता सम्यक जैन व नमः शिवाय मरकाम उर्फ बेटू ने बताया की वर्ष 2016 \ 17 में शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा यात्रा निकाली थी। उस वक़्त उन्होंने नर्मदा नदी में मिलने वाले नाले नलियों को रोकने की बात कही थी। जिसके बाद करोड़ो रुपए का फंड भी जारी हुआ लेकिन अभी तक इसे रोका नहीं गया है। अगर हम नर्मदा उद्गम के बाद पड़ने वाले पहले शहर डिंडोरी की बात करें तो यहाँ के सात बड़े नाले नर्मदा में खुलते है जो अलग अलग क्षेत्रों से होते हुए नर्मदा में मिलते है।

जब श्रद्धालु नर्मदा में पूजा के लि आचमन करते तब समझ नहीं आता की वे नाले के नल में आचमन करते है या नर्मदा के जल में, यदि समय पर नगर पंचायत नालो कि सफाई करवाए तो इसमें कम गंदगी जाएगी। अगर देखा जाये तो मध्य प्रदेश में चार बार शिवराज सरकार बनी और मुखिया जी के द्वारा नर्मदा सेवा यात्रा भी निकाली गई लेकिन अब भी नालो से मिलने से नहीं रोका जा सका है।

मध्य प्रदेश की जीवन रेखा कहलाने वाली नदी अब सिर्फ राजनीती मुद्दा बन के रह गई है और जिन्होंने राजनीती कि वे भी अब इसकी सुध नहीं ले पा रहे है।

 

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