2 नवंबर 2026खबरें • विश्लेषण • जनसरोकार

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मोखा पर सरकार सख्त, सरबजीत सिंह मोखा नियमों को ताक पर रख संचालित कर रहे थे मेडिकल कॉलेज

मोखा पर सरकार सख्त, सरबजीत सिंह मोखा नियमों को ताक पर रख संचालित कर रहे थे मेडिकल कॉलेज

मोखा पर सरकार सख्त, सरबजीत सिंह मोखा नियमों को ताक पर रख संचालित कर रहे थे मेडिकल कॉलेज

 

जबलपुर:- नकली रेमडेसीविर इंजेक्शन के मामले में अब सरबजीत सिंह मोखा का केस स्पेशल कोर्ट में चलेगा.

 प्रशासन ने अब उन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.

एमपीआरडीसी की करोड़ों रुपए की 30 हज़ार वर्ग फुट से ज्यादा की जमीन पर तनी 70 करोड़ की अमृत हाइट्स इमारत की जांच अब स्पेशल ट्रेक कोर्ट करेगा, जबकि नियम विरुद्ध तरीके से संचालित पैरामेडिकल और नर्सिंग कॉलेज की जांच भी शुरू हो गई है.

 सरबजीत सिंह मोखा अब चारों तरफ से घिर गए हैं. उनके पत्नी की भी गिरफ्तारी हो गई है.

सरबजीत सिंह मोखा द्वारा संचालित पैरामेडिकल और नर्सिंग कॉलेज की भी शिकायत सामने आई है. सरबजीत सिंह मोखा द्वारा कई वर्षों से इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग एवं इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल कॉलेज संचालित किया जा रहा है, जो कि सिटी अस्पताल आगा चौक की ट्रामा यूनिट की बिल्डिंग में ही संचालित किए जा रहे हैं. यह तय मानकों और आवश्यक मापदंडों को पूरा नहीं करते हैं. एक ही बिल्डिंग में ट्रामा यूनिट और पैरामेडिकल कॉलेज संचालित नहीं हो सकता

 

 कॉलेज की मान्यता को लेकर भी अब जांच की जा रही है. सरबजीत सिंह मोखा की पत्नी और उनकी असिस्टेंट गिरफ्तार हो चुके हैं पुलिस लगातार उनके बेटे की तलाश में जुटी हुई है.

कॉलेज से मान्यता हेतु संस्था द्वारा जो आवेदन काउंसिल के समक्ष प्रस्तुत किया गया उसमें कॉलेज की बिल्डिंग का एरिया 78060 वर्ग फीट और निर्मित एरिया 61440 वर्ग फिट बताया गया. इस प्रकार एक ही भवन में नर्सिंग कॉलेज का 23000 वर्ग फीट और निर्मित एरिया 61440 वर्ग निर्मित बताया गया है. समझ सकते हैं कि भ्रष्टाचार के आधार पर मान्यताएं अर्जित की गई और जिम्मेदारों ने भी आंख मूंदकर मान्यताएं दे दी

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