MP : योजना रौशनी लाने की, लेकिन हुआ अंधेरे में भ्रष्टाचार, 79 अधिकारी-करमचारियों ने खाए 43 करोड़ 

MP : योजना रौशनी लाने की, लेकिन हुआ अंधेरे में भ्रष्टाचार, 79 अधिकारी-करमचारियों ने खाए 43 करोड़ 

 

मध्यप्रदेश :सरकार के झूठे वादे और भ्रष्टाचार के मामले तो हमने पहले भी देखे हैं और इसमें यदि नया वाक्य मिल जाये तो भी कोई बड़ी बात नहीं होगी| बता दे की 5 साल पहले मध्यप्रदेश में हर घर में बिजली पहुचने की सौभाग्य योजना pm नरेन्द्र मोदी द्वारा बनाई गयी थी, परन्तु वह योजना तो सफल होते दिखाई नहीं दी बल्कि भ्रष्टाचार के हत्थे चड़ते दिखाई दे रही है| मध्यप्रदेश में हर घर में बिजली पहुँचाने की pm की सौभाग्य योजना के अंतर्गत पूर्व क्षेत्र कंपनी के 21 जिलों में लगभग 7.26 लाख घर चुने गए थे जिनमे की नए ट्रांसफार्मर, पोल लगवाए जाने थे ताकि सभी घरों में बिजली पहुँच सके|


आपको बता दे की सौभाग्य योजना कुल 998 करोड़ राशी की थी| इस राशि से 11 केवी की 4260 किमी लंबी लाइन बिछाना था। वहीं 5,388 ट्रांसफार्मर लगाए जाने थे। जबकि 7250 किमी घरेलू लाइन बिछाया जाना था। सबसे अधिक 12 हजार घर सिंगरौली में चिन्हित हुए थे। यहां 85 करोड़ रुपए खर्च होने थे।  

सिंगरौली, मंडला, डिंडोरी, सीधी, सागर, और सतना सहित इन शेत्रों में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है कम से कम 43 करोड़ का घोटाला सामने आया है| यहां के कई दुर्गम क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने का काम कागजों में दर्शाया गया। कई जगह पोल लगे तो तार और ट्रांसफार्मर ही नहीं लगाया। कई पुराने कनेक्शनों को सौभाग्य में दर्शा दिया गया। यहीं नहीं जहां आधा किमी की लाइन बिछानी थी, वहां एक से डेढ़ किमी का दिखाकर भुगतान ले लिया| मध्यप्रदेश में 2017 में यह योजना लागू हुई थी जिसे 2018 तक  पूरा करना था | 

pm ने एक साल के अन्दर घरों को रोशन करने का लक्ष्य रखा था परन्तु भ्रष्टाचार हटे तो कोई कार्य संभव होता दिखाई दे, मध्यप्रदेश में अधिकारियो ने प्रदेश में कई जिलों में पुरे कागज दिखा कर पैसे हड़प लिए है जिस पर विधान सभा में कांग्रेस नेता प्रियव्रत सिंह ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह से सवाल किये 
और उन्होंने जवाब में बताया कि मध्य क्षेत्र कंपनी में गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना में तो पश्चिम क्षेत्र कंपनी के 11 गांव में जांच चल रही है। वहीं सबसे अधिक पूर्व क्षेत्र कंपनी के मंडला, डिंडोरी, सीधी, सतना, सिंगरौली व सागर में गड़बड़ी की जांच चल रही है। अब ये जांच पूरी हो चुकी है।

जांच के मुताबिक 79 अधिकारी - करमचारियों  से पूछताछ की गयी| अब कंपनी सभी ठेकेदारों से 43 करोड़ की रिकवरी कराने की तैयारी में जुटी है, यदि राशी रिकवर नहीं हुई तो fir की जाएगी, साथ ही सौरभ नाटी शर्मा ने भी इस मामले को हिघ्कोर्ट में ले जाने की बात कही है|