अरुण यादव का छलका दर्द, बोले मेरी ही पार्टी ने उड़ा दी अफवाह, हर बार फसल मैं उगाता हूं, कहते हैं फसल दे दो, मैंने कहा हां साहब ले लो, फिर उगा लेंगे. 

अरुण यादव का छलका दर्द, बोले मेरी ही पार्टी ने उड़ा दी अफवाह, हर बार फसल मैं उगाता हूं, कहते हैं फसल दे दो, मैंने कहा हां साहब ले लो, फिर उगा लेंगे. 
  • यादव का दर्द आया सामने बोले मेरी ही पार्टी उड़ाती है मेरी अफवाह 
  • फसल में उगाता हूँ, उसका लाभ कोई और उठाता है 
  • बीजेपी ने माना कि कांग्रेस का प्रत्याशी मजबूत है इसके लिए उनका आभार: अरुण यादव 

भोपाल/निशा चौकसे:- मध्यप्रदेश में उपचुनाव की तारीख का ऐलान हो चूका है, जिसमे पार्टियों से उम्मीदवार अपने नामांकन दाखिल कर रहे हैं. कुछ दिन पहले कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने यह साफ़ कर दिया था कि वे उपचुनाव का हिस्सा नहीं है, लेकिन अब अरुण यादव का बयान सामने आ रहा है जिसमे उनका दर्द छलका है. उन्होंने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के हुसैनी हॉल में यह बातें कही हैं. वे खंडवा लोकसभा सीट पर उपचुनाव के मद्देनजर आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा भी मौजूद थे. जिसमे उन्होंने कहा कि हर बार पार्टी जो निर्देश देती है, वो मैं करता हूं. हर बार फसल मैं उगाता हूं, किसी को दे देता हूं. साथ ही कहा कि 2018 में भी ऐसा ही हुआ, कहा तुम्हारी फसल दे दो, मैंने कहा हां साहब ले लो. फिर उगा लेंगे

अपनी पार्टी को लेकर कही ये बातें 
अपनी बात रखते हुए नाले कि जब मैंने पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर खंडवा उपचुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जताई तो मीडिया में तो अफवाह फैल गई कि अरुण यादव पार्टी से बाहर जा रहे हैं. मेरी ही पार्टी में मेरी चिंता करने वाले नेताओं ने ही मेरे बाहर जाने की अफवाह उड़ा दी. पूर्व केंद्रीय मंत्री यादव ने नेताओं को चेतावनी दी कि वे कहीं जाने वाले नहीं हैं. इसी कांग्रेस पार्टी में रहेंगे.
वन मंत्री विजय शाह के बयान पर अरूण यादव ने कहा कि बीजेपी ने माना कि कांग्रेस का प्रत्याशी मजबूत है, इसके लिए उनका आभार. दरअसल, हाल ही में शाह ने कहा था कि कांग्रेस प्रत्याशी राजनारायण सिंह कमजोर उम्मीदवार नहीं हैं. वहीं, दिवंगत सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के बेटे हर्ष वर्धन चौहान के टिकट कटने पर यादव ने कहा कि यह बीजेपी का अंदरूनी मामला है.

विपक्ष बिखरा हुआ है 
बीजेपी पर तंज़ कसते हुए नाले कि आज विपक्ष पूरी तरह बिखर गया है. कहां-कहां, कैसा-कैसा बिखराव है, बताया नहीं जा सकता. सत्ता-संगठन में कोई मेल नहीं है. इस परिस्थिति में हमारा जीतना जरूरी है. यादव ने कहा कि 2009 मेंहमारी सरकार बनी थी तब तब डीजल का भाव, खाने के तेल का भाव 65-70 रुपये था, अब डीजल 110 रुपये लीटर बिक रहा है. खाने के तेल की कीमत 180 रुपये लीटर है. उस वक्त बीजेपी गाती थी महंगाई डायन खात जात. अब नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान की सरकार को मंहगाई अप्सरा नजर आ रही है. उन्होंने कहा हम हर हाल में लोकसभा सीट जीतेंगे. यह चुनाव 2023 का सेमी फाइनल है.