राजधानी भोपाल के मदरसे में हो रहा था ,ये गंदा काम, रोज होती थी पिटाई,इंसानियत हुई शर्मसार

राजधानी भोपाल के मदरसे में हो रहा था ,ये गंदा काम, रोज होती थी पिटाई,इंसानियत हुई शर्मसार

राजधानी भोपाल के मदरसे में हो रहा था ,ये गंदा काम, रोज होती थी पिटाई,इंसानियत हुई शर्मसार भोपाल। 
भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अशोका गार्डन के समीप स्थित मदरसे में दो नाबालिगों को बैंच से बांध कर पीटने का मामला सामने आया है। दरअसल मामले का खुलासा लगभग उस वक्त हुआ जब बैंच से बंधे छात्र घसीटते हुए सड़क पर आ गए। वहीं जब सड़क से गुजर रहे लोगों ने इन बच्चों को देखा तो  इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। 
छात्र ने मदरसे में पढ़ाने वाले हाफिज (उस्ताद) पर पीटने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस पर मामला दर्ज कर हाफिज क़ो हिरासत में ले लिया है।
 
आज अशोका गार्डन इलाके में सुबह तक़रीबन  दस बजे लोग उस वक्त ख़ामोश पद गए,जब सभी ने दो नाबालिग छात्र रोते हुए और बैंच से बंधे हुए रेंगते हुए मदरसे से निकले तभी दोनों सड़क पर आकर गिरे। उनके पैरो की जंजीरें और बेंच ऐसी लग रहीं थी जो मानों उनको कैद करके रैगने और गिरने पर मजबूर करने लगी ,तभी अचानक भीड़भाड़ वाले इलाके में छात्रों को इस तरह बंधा देख भीड़ जमा हो गई। लोगों ने छात्र को चुप करा बंधे होने का कारण पूछा तो छात्रों ने अपने ऊपर हुए जुल्म की कहानी लोगों को बताई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को खबर कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्र को बैंच से खोला और अपने साथ लेकर थाने आ गई। 

इसके बाद पुलिस मदरसा संचालक को हिरासत में लेकर थाने आई और उससे चाबी लेकर छात्रों के पैरों में बंधी हुई जंजीर खोली गईं। छात्र की शिकायत के बाद पुलिस ने मदरसे के हाफिज के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि मदरसा किसी (NGO) जकारिया एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित है।

अशोकागार्डन थाना उमेश यादव ने बताया कि इलाके के रिहायशी कॉलोनी में चल रहे मदरसे में 10 साल और 7 साल के बच्चे को मदरसा संचालक ने जंजीरों से बांध कर रखा हुआ था। मदरसा मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड में भी रजिस्टर्ड नहीं है। पुलिस ने मदरसा के संचालक मोहम्मद साद को हिरासत में लिया है। बच्चे भोपाल के सोनागिरी इलाके के रहने वाले हैं। और यहीं रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। चाइल्ड लाइन से बच्चों की काउंसलिंग कराई जा रही है। अभी तक सिर्फ पिटाई का मामला सामने आया है। चाइल्ड लाइन की रिपोर्ट के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।