EXCLUSIVE: जम्मू-कश्मीर में 40 नेता और 1000 से अधिक पत्थरबाज गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला

EXCLUSIVE: जम्मू-कश्मीर में 40 नेता और 1000 से अधिक पत्थरबाज गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला

EXCLUSIVE: जम्मू-कश्मीर में 40 नेता और 1000 से अधिक पत्थरबाज गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला

  • बीते 24 दिनों के अंदर जम्मू-कश्मीर के 2 पूर्व मुख्यमंत्रियों को घर में किया गया नजरबंद
  • महबूबा मुफ्ती की बेटी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा था पत्र
  • 4 हफ्तों तक विभिन्न स्थानों पर 40 से अधिक मुख्यधारा व राज्य के नेताओं को हिरासत में लिया गया

सरकारी सूत्रों के हवाले से जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) की स्थिति को लेकर 40 नेताओं और 1000 से अधिक पत्थरबाजों को गिरफ्तार कर लिया गया है | बीते 24 दिनों के अंदर जम्मू-कश्मीर के 2 पूर्व मुख्यमंत्रियों को घर में नजरबंद कर दिया गया है और उनके पास पहुंचने के तहत उनके परिवार के किसी सदस्य या केंद्र ने कोई प्रयास नहीं किया है | बीते सप्ताह के अंत में आईबी के निर्देशक अरविंद कुमार और कई अधिकारी कश्मीर पहुंचे थे | अरविंद कुमार द्वारा एजेंसियों की कई शाखाओं के साथ अंतरम बैठक की गई थी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ( Ajit Doval) द्वारा दिए गए आदेशों के मद्देनजर प्रतिक्रिया व्यक्त की गई थी | महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) की बेटी इल्तिजा मुफ्ती द्वार गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) को पत्र लिखा गया था कि वह भी राज्य छोड़ चुकी हैं |

इसी बीच लगभग 4 हफ्तों तक विभिन्न स्थानों पर 40 से अधिक मुख्यधारा व राज्य के नेताओं को हिरासत में लिया गया है | इसके तहत, 6 लोगों को जम्मू में हिरासत में लिया गया है और बचे हुए लोगों को घाटी में हिरासत में लिया गया है | जम्मू में मोदी सरकार द्वारा मंत्री जितेंद्र सिंह के भाई को भी घर में नजरबंद किया गया है | इसके अलावा, महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) सरकार के 70 साल से कम उम्र के सभी कैबिनेट मंत्री भी अपने घरों में नजरबंद हो चुके हैं | वहीं, कई राजनेता सेंटौर होटल में रुके हुए हैं | कुछ नेताओं के परिजन उनसे मिलने के लिए आए लेकिन, उन्हें सभी आवश्यक कागजात दर्शाने के पश्चात् ही मिलने दिया गया है | लेकिन, दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों के परिवार से कोई मिलने नहीं आया है |

बता दें कि उमर अब्दुल्ला हरि निवास पैलेस में हैं और महबूबा मुफ्ती चश्मे शाही में हैं | लेकिन, चिंता की बात यह है कि भारत सरकार के पास कोई रोडमैप नहीं है कि कैसे और कब इन नेताओं को रिहा किया जाएगा और उनकी नजरबंदी कब समाप्त होगी | केंद्र द्वारा इस मामले को लेकर राज्य प्रशासन पर डाल दिया गया है | वहीं, ग्राउंड पर मौजूद अधिकारियों द्वारा साफ तौर पर कहा गया है कि इन नेताओं की नजरबंदी खत्म होने में लंबा समय लगेगा |